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वरिष्ठ पत्रकार व संपादक तीर्थक्षेत्र कमेटी के कार्याध्यक्ष व महामंत्री श्री राजेन्द्र गोधा का निधन

भारतवर्षीय दिगंबर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष व महामंत्री सरल स्वभावी, मृदुभाषी, उज्ज्वल व्यक्तित्व के धनी, सेवाभावी, कर्मठ कार्यकर्ता व दूरदृष्टा श्रीमान् राजेंद्र गोधा जी जयपुर का असामयिक निधन दिनांक 19/06/2021 दिन शनिवार को हो गया। वे 74 वर्ष के थे।

गोधा जी के असामयिक निधन हो जाने देशभर में विशेष रूप से जैन समाज में शोक व्याप्त है। गोधा जी का जाना समस्त दिगंबर जैन समाज लिए अपूरणीय क्षति है, उनकी रिक्तता को कोई पूरा नहीं कर सकता है, उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा।

23 अप्रैल 2021 से गोधाजी का स्वास्थ्य खराब चल रहा था और वे कोविड-19 से पीड़ित थे। दुर्लभजी अस्पताल, जयपुर में गोधा जी उपचार चल रहा था। उनकी चिकित्सा की नियमित जानकारी स्वयं मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी ले रहे थे। विश्व के सबसे बड़े संगरमर निर्माता, उद्योगपति आर के मार्बल समूह के अध्यक्ष व गोधाजी के मित्र श्री अशोक पाटनी जी व तीर्थक्षेत्र कमेटी के पूर्व अध्यक्ष उद्योगपति श्री प्रभात जी स्वयं परिवार के निकट संपर्क में थे।

श्री गोधा राजस्थान के लोकप्रिय दैनिक समाचार जगत के संस्थापक व प्रधान संपादक थे तथा जैन समाज के कर्मठ कार्यकर्ता व अग्रणी नेता थे। गत् दिनों गोधा जी को सम्मेदशिखर जी समन्मवय समिति के स्थायी सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया था।

भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष व महामंत्री के पद पर रहते हुए तीर्थों के उन्नयन व विकास के लिए गोधाजी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। दक्षिण भारत के आंधप्रदेश, तमिलनाडू, कर्नाटक, महाराष्ट्र के उपेक्षित जैन तीर्थस्थानों का आपके कार्यकाल में काफी विकास हुआ । 2019 में महाराष्ट्र के कोल्हापुर, सांगली एवं उत्तरी कर्नाटक के अनेक स्थानों पर आई प्रलयंकारी बाढ़ के कारण अपना सबकुछ गँवा चुके जैन बंधुओं को आपके ही कार्यकाल में तीर्थक्षेत्र कमेटी द्वारा घर बनवाकर दिये गये । कोरोना काल में भी आप जैन समाज के लिए आर्थिक सहायता के लिए तीर्थक्षेत्र कमेटी को आगे लाये।

श्री गोधा भारतवर्षीय दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष व महामंत्री के अतिरिक्त राजस्थान में सभी प्रमुख संस्थाओं से भी जुड़े हुए थे। आप महावीर दिगम्बर स्कूल के भी अध्यक्ष थे। आप जन सामान्य से संबंधित सभी समस्याओं को हल करने हेतु सदैव तैयार रहते थे। आप मुनियों की सेवा में निरंतर संलग्न रहते थे। आप संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज एवं निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज के परम भक्त थे।

आप राजस्थान सरकार में मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के भी नजदीक रहे। उन्होंने गोधाजी के निधन पर अपने संदेश में गहरा शोक व्यक्त बताया है और उनके निधन को पत्रकारिता जगत के लिए बड़ी क्षति बताया है।

तीर्थक्षेत्र कमेटी के शिरोमणि सरंक्षक अशोक पाटनी ने उनके निधन को जैन समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है, गोधा जी ऐसे व्यक्ति थे जिनके लिए कोई काम असंभव नहीं था। उनका गुरुदेव के प्रति समर्पण देखते ही बनता था, राजस्थान में हर व्यक्ति के लिए वे सहज उपलब्ध थे। राजस्थान के तीर्थों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक विकास में योगदान के लिए वे हमेशा याद किये जाएँगे।

तीर्थक्षेत्र कमेटी के परम सरंक्षक और निवर्तमान अध्यक्ष प्रभातचंद्र जैन ने गोधा जी के असामयिक निधन को दिगंबर जैन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है, उनकी रिक्तता को कोई पूरा नहीं कर सकता है। राजस्थान की पत्रकारिता में उनका विशेष योगदान था, समाचार जगत अखबार स्थापित करके उन्होंने जनहितैषी पत्रकारिता का सूत्रपात किया था। उन्होंने कहा कि आदरणीय गोधा जी की राजनीतिक सक्रियता से समाज के अनेक कार्य होते थे। वे राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत जी के निकटतम् थे। इसका लाभ जैन समाज को मिलता था। तीर्थक्षेत्रों के संरक्षण में परम सक्रिय व्यक्तित्व के रूप में शिखरजी में अतिक्रमण की घटना का निपटारा अपनी राजनीतिक सूझबूझ और समझ से करवाया, उन्होंने तीर्थक्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष व महामंत्री पद का कार्यभार कुशलतापूर्वक संभाला था। सांस्कृतिक, सामाजिक और कलात्मक रूप से समाज को जोड़ने में उनकी भूमिका बड़ी महत्वपूर्ण थी।

तीर्थक्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिखर चन्द पहाड़िया ने गोधा जी के अवसान पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन जैसा सरल व्यक्ति वर्तमान समय में खोजना कठिन है, समाज के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

तीर्थक्षेत्र कमेटी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रदीप पी एन सी ने गोधा जी के दुःखद वियोग पर कहा कि जैन समाज का चमकता सितारा चल गया । वे तीर्थों के जीर्णोद्धार के साथ नव निर्माण के पक्षधर थे, उनकी सोच को मुनि पुगंव श्री सुधासागरजी महाराज के आशीर्वाद ने और भी मजबूत किया। वे किसी काम को अपने हाथ में लेकर कभी पीछे नहीं मुड़े।

तीर्थ क्षेत्र कमेटी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व चाँद खेड़ी कमेटी के अध्यक्ष हुकम काका ने कहा कि जब से ये समाचार सुना है किसी काम में मन नहीं लग रहा है, मन बहुत दुखी है। उन्होंने तीर्थों के विकास, उत्थान व धर्म संस्कृति की सुरक्षा और संवर्धन के लिए अभूत पूर्व कार्य किया।

तीर्थक्षेत्र कमेटी के मुख्य पत्र जैन तीर्थ वंदना के सह सम्पादक विजय जैन धुर्रा व प्रवीण जैन सीएस ने कहा कि गोधा जी ने जैन समाज के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उनके कार्यकाल में तीर्थक्षेत्र कमेटी के कार्यों की खूब प्रसिद्धि हुई आज जन-जन में तीर्थक्षेत्र कमेटी का एक अलग स्थान बन चुका है। वे हमेशा परम पूज्य गुरुदेव मुनि पुगंव श्रीसुधासागरजी महाराज के निर्देश पर समाज के बड़े से बड़ा कार्य सहजता से पूरा करा देते थे। अनेक विभूतियों से अंलकृत आदरणीय श्री गोधाजी के निधन से जो रिक्त स्थान हुआ है, उसकी पूर्ति नहीं की जा सकती।

उनके मार्गदर्शन में ही तीर्थक्षेत्र कमेटी का काम सुचारू रूप से चला और वे हर समस्या का समाधान करते थे, वे सरल व सहज थे।

तीर्थक्षेत्र कमेटी के परम संरक्षक श्री सुधीर जैन कटनी, श्री पंकज जैन पारस चैनल, श्री नीलम अजमेरा, श्री संजय पापड़ीवाल, श्री विनोद जैन कोयला बिलासपुर आदि ने गोधाजी के निधन पर शोक व्यक्त किया और श्रद्धांजलि अर्पित की।

प्रवीण जैन मुंबई

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