Tuesday, April 16, 2024
spot_img
Homeप्रेस विज्ञप्तिप्राकृत महाकाव्य “वीरब्भुदयं” की कृति दिनेश मुनि को भेंट

प्राकृत महाकाव्य “वीरब्भुदयं” की कृति दिनेश मुनि को भेंट

उदयपुर 11 मार्च 2024, 24 वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी के जीवन वृत पर डॉ. उदय जैन द्वारा स्व रचित “वीरब्भुदयं” प्राकृत महाकाव्य की प्रथम कृति श्रमणसंघीय सलाहकार दिनेश मुनि को भेंट की।

भगवान महावीर के 2550 वें निर्वाण कल्याणक वर्ष के उपलक्ष में डॉ. जैन ने “वीरब्भुदयं” महाकाव्य में भगवान महावीर के जन्म, दीक्षा, साधना, उपसर्ग व निर्वाण प्राप्ति के साथ-साथ आदिवासी संस्कृति,तथा पर्यावरण व तात्कालिक गणराज्य वैशाली के कुंडग्राम की सांस्कृतिक परम्परा को भी सुंदर रूप से प्राकृत में प्रस्तुत किया है। चार सौ आठ पृष्ठों के इस महाकाव्य में 26 अध्यायों सहित 100 से अधिक छंदो का उपयोग किया गया है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2010 में प्राकृत साहित्य के लिये राष्ट्रपति पुरूस्कार से सम्मानित डॉ. जैन का यह “वीरब्भुदयं” 23 वां महाकाव्य है। उदयपुर के मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के जैन विद्या एवं प्राकृत विभाग एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. जैन के निर्देशन में 30 छात्र-छात्राओं ने पीएचडी उपाधि प्राप्त की है।

image_print

एक निवेदन

ये साईट भारतीय जीवन मूल्यों और संस्कृति को समर्पित है। हिंदी के विद्वान लेखक अपने शोधपूर्ण लेखों से इसे समृध्द करते हैं। जिन विषयों पर देश का मैन लाईन मीडिया मौन रहता है, हम उन मुद्दों को देश के सामने लाते हैं। इस साईट के संचालन में हमारा कोई आर्थिक व कारोबारी आधार नहीं है। ये साईट भारतीयता की सोच रखने वाले स्नेही जनों के सहयोग से चल रही है। यदि आप अपनी ओर से कोई सहयोग देना चाहें तो आपका स्वागत है। आपका छोटा सा सहयोग भी हमें इस साईट को और समृध्द करने और भारतीय जीवन मूल्यों को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए प्रेरित करेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

लोकप्रिय

उपभोक्ता मंच

- Advertisment -spot_img

वार त्यौहार