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मेले में गुब्बारों पर निशाना लगाने वाला बना विश्व विजेता

मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के छोटे से कस्बे रतनपुर गांव में एक किसान परिवार के घर खुशी का माहौल है। सुबह से बधाई देने वाले लोगों का घर पर तांता लगा रहता है। परिवार के लोग मिठाई खिलाकर एक-दूसरे के सामने खुशी का इजहार कर रहे हैं। किसान को यह मौका बेटे ने दिया है। 19 साल के ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में देश को गोल्ड दिलाया है। ऐश्वर्य के इस सफला से परिवार के साथ-साथ देश का भी मान बढ़ा है। शूटिंग में ऐश्वर्य ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद विश्व के नंबर वन खिलाड़ी हंगरी के स्तवान पैनी को हराया है।

खरगोन जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर जिला विकासखंड झिरन्या के छोटे से कस्बे रतनपुर में रहने वाले 19 वर्षीय किसान पुत्र ऐश्वर्य प्रताप सिंह ने वो कर दिखाया है, जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता। 19 वर्षीय ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में गोल्ड जीता है। ऐश्वर्य ने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी हंगरी के स्तवान पैनी को हराया है। परिवार के लोगों ने बताया कि वह शुरू से ही काफी मेहनती था। उसकी क्षमता को देखते हुए ट्रेनिंग के लिए हमलोगों ने भोपाल भेज दिया था।

ऐश्वर्य ने बताया है कि क्वालिफिकेशन राउंड बहुत मुश्किल था क्योंकि हवा बहुत तेज चल रही थी। कोच ने समझाया कि दबाव को लेकर हैंडल करना जरूरी है। उसने पहले से ही परफेक्ट एग्जीक्यूशन किया है। ऐश्वर्या ने यह कमाल दिल्ली में चल रहे आईएसएसएफ शूटिंग वर्ल्ड कप के छठे दिन किया है। ये उनका वर्ल्ड कप में पहला स्वर्ण पदक है। उसे ओलंपिक कोटा मिला है। ऐश्वर्य खरगोन जिले के रतनपुर गांव के किसान वीर बहादुर सिंह तोमर के बेटे हैं।

ऐश्वर्य की पढ़ाई पहले गांव में हुई थी। उसके बाद परिवार के लोगों ने उसे खरगोन भेजा था। यहां वह नौवीं तक बढ़ा था। पिता ने कहा कि उन पर ज्यादा पढ़ने का दबाव कभी नहीं डाला। उसके निशानेबाजी के हुनर को आगे बढ़ाया। ऐश्वर्य ने 3 दिन पहले ही वर्ल्ड कप में दीपक कुमार, पंकज कुमार के साथ टीम इवेंट 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में सिल्वर जीता था।

6 साल के ऐश्वर्य के पास कई खिलौने थे लेकिन वह खेलता पिस्टल से ही था। उनके पिता बताते हैं कि एक बार मेले में गए तो वहां उसने छर्रे की बंदूक से गुब्बारे फोड़ने की जिद की, जब उसे मौका दिया तो गुब्बारा फोड़ दिया। बाद में रतनपुर आसपास के आदिवासी भगोरिया में खूब निशाने लगाए, यहीं से पता चला कि वह अच्छा निशानेबाज है।

एसपी शैलेन्द्र सिंह चौहान कहा कि खरगोन ही नहीं पूरे देश के लिए गौरव की बात है। ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद देश को निशानेबाजी में गोल्ड मेडल दिलाया है। किसान पुत्र की ये बड़ी उपलब्धि है। तेज हवा चलने के बावजूद विपरीत परिस्थिति में इतनी बड़ी सफलता मिलना खुशी की बात है। मैं ऐश्वर्य सिंह के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं।

ऐश्वर्या के अंकल नीति राज सिंह तोमर ने कहा कि ऐश्वर्य का शुरू से ही निशानेबाजी में विशेष रूचि थी। उसका बचपन से ही पढ़ाई में मन नहीं लगता था, इसलिए उसे शूटिंग के लिए खेल एकेडमी भोपाल में डाल दिया था। उसने कड़ी मेहनत और लगन से ये सफलता हासिल की है। वैसे तो 2019 में जूनियर वर्ल्ड कप में उसने गोल्ड मेडल जीता था। अभी जो दिल्ली में सीनियर वर्ल्ड कप, उसमें उसने मात्र 19 वर्ष की आयु में गोल्ड मेडल जीता है।

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