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आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के 51 वें दीक्षा दिवस पर लगेंगे 51000 वृक्ष

मुंबई। सुप्रसिद्ध जैन संत आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की दीक्षा के 50 वें वर्ष को देशभर का जैन समाज ‘संयम स्वर्ण महोत्सव’ के रूप में पिछले एक वर्ष से विभिन्न आयोजनों के माध्यम से मना रहा है, इसी कड़ी में पिछले वर्ष ‘राष्ट्रीय संयम स्वर्ण महोत्सव समिति’ ने जुलाई २०१७ में “संयम स्वर्ण महोत्सव वर्ष २०१७-१८” के अंतर्गत हरित जैन तीर्थ अभियान का संकल्प पारित किया था और लक्ष्य रखा था कि अगले 5 वर्षों में प्रमुख तीर्थ स्थानों पर 5 लाख पेड़ लगाए जाएँगे । इस अभियान के अंर्तगत अनेक तीर्थस्थानों और मंदिर परिसरों में बड़ी संख्या में वृक्षारोपण किया गया था और इस साल आगामी आषाढ़ शुक्ल पंचमी अर्थात 17 जुलाई 2018 को आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की दीक्षा के 50 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं और उनका 51 वाँ दीक्षा दिवस देशभर में मनाया जाएगा, विभिन्न राज्यों के जैन धर्मावलम्बियों ने अपने स्तर अनेक धार्मिक आयोजनों और सामाजिक हित के काम करने की योजना बना रखी है, ऐसे समय में वृक्षारोपण अभियान को नाम दिया गया है “विद्या तरु/विद्या-वाटिका” वृक्षारोपण अभियान। समिति के गौरव अध्यक्ष श्री अशोक पाटनी (आरके मार्बल्स) ने एक अपील जारी कर भारत के समस्त तीर्थ क्षेत्रों के न्यासियों एवं पदाधिकारियों अनुरोध किया है कि लोग जुलाई 2018 के इस महीने में अपने आसपास के तीर्थ क्षेत्रों, मंदिरों, धर्मशालाओं और संस्थानों के परिसरों में वृक्षारोपण का कार्यक्रम आयोजित करें । उन्होंने आगे कहा है कि देशभर में वर्षा आरंभ हो चुकी है और यही वृक्षारोपण का सही समय है।


इस अपील का व्यापक असर हुआ है और विभिन्न तीर्थक्षेत्रों पर बड़ी संख्या में वृक्षारोपण शुरू भी हो चुका है. मध्यप्रदेश के दमोह जिले में स्थित सुप्रसिद्ध दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र कुण्डलपुर से गौरव जैन ने जानकारी दी है कि भारी वर्षा के पीछे कुण्डलपुर के पर्वत पर वृक्षारोपण का कार्य शुरू कर दिया गया है और अब तक 500 पौधों का रोपण कर दिया गया, अगले एक माह में आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की 51 वें दीक्षा के उपलक्ष्य में 5100 पेड़ कुण्डलपुर पर्वत लगा दिए जाएँगे, उन्होंने बताया कि विभिन्न संस्थानों, युवक मंडलों, महिला मंडलों के सदस्य इस वृक्षारोपण में भाग ले रहे हैं.

नवोदित दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र डोंगरगढ़ से सुधीर जैन ने सूचना दी है कि क्षेत्र पर वृक्षारोपण की तैयार चल रही है और इस वर्ष क्षेत्र पर 1500 पौधे रोप जाएँगे, पिछले वर्ष भी यहाँ लगभग 2000 वृक्ष लगाये गए थे.

सागर जिले के भाग्योदय तीर्थ चिकित्सालय से ब्र. श्री मिहिर जैन ने बताया है कि उन्होंने इस अभियान के अंतर्गत 500 पौधों का रोपण चिकित्सालय परिसर में करवाया है.

कटनी के पास स्थित श्री बहोरीबंद तीर्थक्षेत्र से लोकप्रिय कवि श्री अजय अहिंसा ने अवगत कराया है कि बहोरीबंद में पिछले साल ही विद्या वाटिका का निर्माण किया गया है जिसमें 400 पौधे रोप गए थे, इस वर्ष पौधे लगाने की उनकी योजना है. भारत भर के जैन तीर्थ स्थानों से इस वृक्षारोपण अभियान को शुरू करने के समाचार आ रहे हैं.

“हरित तीर्थ अभियान” अब केवल जैन तीर्थों तक सीमित नहीं रह गया है, अन्य समाज के लोग भी इससे प्रेरणा लेकर इस अभियान को देश व्यापी अभियान की शक्ल देना चाहते हैं. अब तक हम लोग हरित गाँव, हरित शहर, हरित विद्यालय जैसे अभियानों के बारे में खूब सुनते थे, पहली बार किसी ने “हरित तीर्थ” का नारा दिया है.

जैन समाज के लोग पर्यावरण के प्रति जागरुक हैं जो उन्होंने तीर्थ स्थलों के लिए “हरित तीर्थ अभियान” आरम्भ किया है, यदि देश भर के सभी सम्प्रदायों के लोग इस अभियान से जुड़ जाएँ और अपने-२ तीर्थ स्थानों की हरियाली लौटाने का बीड़ा उठा लें तो अल्प समय में ही भारत के सभी धर्मों के तीर्थ स्थल हरे भरे हो जाएँगे.

संपर्क

प्रवीण कुमार जैन

संयुक्त सचिव, ‘राष्ट्रीय संयम स्वर्ण महोत्सव समिति’

अणु डाक: cs.praveenjain@gmail.com

चलभाष: 98199-83708



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