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जैन ज्योतिष के अनुसार वर्तमान स्थिति के फल

पूज्य मुनि श्री सुधासागर जी मुनिराज ने शंका समाधान में कहा कि -वर्तमान स्थिति के विषय में ज्योतिषाचार्य विद्वान विचार करें तभी मेरे मन में विचार आया कि यह ग्रंथ पढ़ना चाहिए ।उसमें जो परिणाम सामने आए जो बहुत ही समसामयिक थे । वे सभी तथ्य आपके सामने रख रहा हूँ ।

जैन ज्योतिष एवं निमित्त शास्त्र “भद्रबाहु संहिता ” जो भगवान महावीर स्वामी के निर्वाण के बाद अंतिम श्रुतकेवली श्री भद्रबाहु स्वामी हुए उन्होंने ने अपने ग्रंथ में कुछ भविष्यवाणी या ग्रहों नक्षत्रों के योगों का वर्णन किया है । यह ग्रंथ 27 अध्याय और 1 परिशिष्ट अध्याय कुल 28 अध्यायों में विभक्त है । इसमें कुल 484 पेज हैं । संस्कृत श्लोकों में निबद्ध ग्रंथ है । जिसमें ग्रह, नक्षत्र, स्वप्न, ग्रहण, उल्कापात मेघ वृष्टि, शकुन -अपशकुन, रोग आदि विषयों का वर्णन किया गया है ।

तथ्यों का विश्लेषण
1. इस वर्ष का सूर्य ग्रहण और चंद ग्रहण 1 माह में दोनो हुए ।
26 दिसंबर 2019 गुरुवार पूर्वाषाढ़ नक्षत्र पर पौष कृष्ण अमावश्या को सूर्य ग्रहण एवम 10 जनवरी 2020 शुक्रवार आद्रा नक्षत्र पर पौष मास पूर्णिमा को हुआ ,अर्थात एक ही माह में दोनों ग्रहण हुए । जिसका फल श्री भद्रबाहु स्वामी लिखते हैं-
गृहणीयादेकमासेन, चंद्र सूर्य यदा तदा ।
रुधिर वर्ण संसक्ता, संग्रामे जायते मही ।।20/50/282
एक ही माह में दोनों ग्रहण पढ़े तो पृथ्वी रक्त रंजित होती है और युद्ध की संभावना भी रहती है ।

2 . शनि का संचरण फल
शनि का संचरण अभी मकर राशि पर चल रहा है । जिसके अंतर्गत उत्तराषाढ़, श्रवण धनिष्ठा नक्षत्र पर शनि का विचरण होवेगा उसके विषय में भी स्वामी जी लिखते हैं-
यस्य यस्य तू नक्षत्रे कुर्यादस्त मनोदयो ।
तस्य देशान्तरे द्रव्यं हन्यात चाथ विनाशयेत ।।
16/31/245
जिस जिस नक्षत्र पर शनि उदय -अस्त को प्राप्त होता है ,उस उस नक्षत्र के द्रव्य देश एवं देश वासियों का विनाश होता है । वर्तमान समय में शनि का संचरण उत्तराषाढ़, श्रवण और धनिष्ठा नक्षत्र पर हो रहा है जिनकी राशि दिशाएं पूर्व , दक्षिण एवम पश्चिम बन रही हैं । अतः इन दिशाओं में स्थित देशों के निवासियों का नाश होवेगा ।

उत्तराषाढ़ नक्षत्र शनि संचरण फल-

यवन एवं पहाड़ी देशों एवं जातियों को हानि होवेगी तथा अनेक प्रकार के रोग फैलता है । पेज 248

श्रवण नक्षत्र पर शनि संचरण फल-

देशों के प्रधानों पर संकट की स्थिति निर्मित होवेगी ।

धनिष्ठा नक्षत्र पर शनि संचरण फल
आर्थिक मंदी एवं व्यापार की हानि करता है । पेज 248

3. मकर राशि पर मंगल का संचरण
जो देश् में आर्थिक संकट उत्पन्न करता है । पेज 273

शुभ योग एवं फल

25 अप्रैल को प्रतिपदा तिथि प्रमादी संवत्सर प्रारम्भ हो रहा है ,उस समय मीन राशि का चंद्र संचरित हो रहा है जो कुछ समय के अंतराल में आरोग्य क्षेम का वृद्धि कारक होता है और राष्ट्र की शक्ति को सम्पन्न करता है ।
भ .बा. स्.पेज 316

2 . अप्रैल माह की 14 तारीख को सूर्य मेष राशि पर प्रातः काल प्रवेश कर रहा है । जो देश को शुभ फल प्रदान करेगा एवं शांति का वातावरण निर्मित भी करेगा ।
भद्रबाहु संहिता-पेज 305
3- मंगल का राशि परिवर्तन-
मंगल ग्रह का राशि परिवर्तन 5 मई 2020 को मकर से कुंभ राशि पर हो रहा है जिसका फल देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होवेगी जनता मे संतोष का वातावरण निर्मित होवेगा ।

4.शनि का राशि परिवर्तन 4 अगस्त 2020 को धनु पर आ रहा है । तब तक स्थिति मे और सुधार हो जावेंगे ।

यह फल भद्रबाहु संहिता के अनुसार वर्णित किया गया है ।

©डॉ आशीष जैन शिक्षाचार्य
डॉ अभिषेक जैन शिक्षाचार्य
सगरा दमोह (म प्र)

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