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मीडिया की दुनिया से
 

  • मोदीजी का साक्षात्कार दिखाकर  ज़ी न्यूज़ ने बाजी मारी

    मोदीजी का साक्षात्कार दिखाकर ज़ी न्यूज़ ने बाजी मारी

    साल 2018 का पहला साक्षात्कार प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदीने जी न्यूज़ को दिया। श्री मोदी का यह साक्षात्कार ज़ी न्यूज़ के संपादक श्री सुधीर चौधरी ने लिया था। इस साक्षात्कार के दौरान प्रधानमंत्री ने विदेश नीति सहित कई मुद्दों पर अपनी राय रखी। लेकिन मोदी का यह साक्षात्कार ज़ी न्यूज़ के लिए अब एक अच्छी खबर लेकर आया है।

  • जब मोदीजी ने खुद आगे आकर करीमुल हक के साथ सेल्फी ली

    जब मोदीजी ने खुद आगे आकर करीमुल हक के साथ सेल्फी ली

    बाइक से मुफ्त अस्पताल पहुंचाकर गांवों के हजारों गरीबों की जिंदगी बचाने वाले पश्चिम बंगाल के करीमुल हक को 2017 में पद्मश्री सम्मान मिल चुका है। इस शख्सियत से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतने प्रभावित हैं कि खुुद सेल्फी लिए। मौका राष्ट्रपति भवन पर “एट होम” रिसेप्शन का था।

  • संघ से जुड़े स्वदेशी जागरण मंच और किसान संघ ने सरकारी नीतियों की आलोचना की

    राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा है कि बेरोजगारी और किसानों की परेशानी पर ध्यान दें। टेलीग्राफ के अनुसार, संघ परिवार के सहयोगी संगठन भारतीय किसान मंच और स्वदेशी जागरण मंच ने मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले बजट में बेरोजगारी और कृषि संकट को संबोधित करने के लिए कहा है। इन संगठनों का कहना है कि मोदी सरकार को बढ़ती बेरोजगारी और कृषि समस्या को दूर करना चाहिए। स्वदेशी जागरण मंच ने सरकार से सिफारिश की है कि वे छोटे और नए उद्योगों को प्रोत्साहित करें ताकि रोजगार पैदा होने की संभावनाएं बढ़ सकें।

  • हर जिले में अपना मीडिया कर्मी रखेगी सरकार

    सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने ‘सोशल मीडिया कम्युनिकेशन हब’ स्थापित करने की योजना बनाई है जो जिलों में ट्रेंड कर रही खबरों पर नजर रखेगा और केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के बारे में प्रतिक्रिया एकत्र करेगा। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस परियोजना के तहत अनुबंध के आधार पर हर जिले में मीडियाकर्मियों की भर्ती की जाएगी। ये लोग सरकार के ‘आंख-कान’ होंगे और जमीनी स्थिति के बारे में अवगत कराते रहेंगे।

  • मीडिया और सरकार से लोगों का भरोसा टूटा

    दुनिया भर के विभिन्न देशों में सरकार के प्रति जनता के भरोसे के मामले में भारत दुनिया भर में चौथे स्‍थान पर है। ‘ग्‍लोबल ट्रस्‍ट इंडेक्‍स’ (Global Trust Index) के अनुसार, यदि चार प्रमुख क्षेत्रों (सरकार, मीडिया, बिजनेस और एनजीओ) की बात करें तो भारत तीसरे नंबर पर है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल के मुकाबले लोगों का भरोसा सरकार व मीडिया के प्रति कुछ कम हुआ है।

  • देश की पहली शादी, जहां परोसे जाएंगे प्राकृतिक आहार

    देश की पहली शादी, जहां परोसे जाएंगे प्राकृतिक आहार

    अपने जायके के लिए मशहूर मध्यप्रदेश का इंदौर शहर अनोखी शादी का साक्षी बनने जा रहा है। दावा है कि यहां देश में पहली बार ऐसी शादी होने जा रही है, जिसमें परोसे जाने वाले पकवानों में प्राकृतिक खेती (आध्यत्मिक खेती) के जरिए पैदा हुए खाद्यान्न का ही इस्तेमाल किया जाएगा।

  • आडवाणी जी ने अपने लेख में किया एक नया खुलासा

    आडवाणी जी ने अपने लेख में किया एक नया खुलासा

    भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री लालकृष्ण आडवाणी  ने पुराने अखबार ‘ऑर्गनाइजर’ के 70 साल पूरे होने पर लिखे एक लेख में ऑर्गनाइजर और पत्रकारिता के दिनों की यादें ताजा की है। उन्होंने एक नया खुलासा भी किया है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्रीजी अक्सर उस दौर के सरसंघचालक गुरु गोलवलकर को बुलाकर मंत्रणा किया करते थे।

  • पाञ्चजन्य और ऑर्गेनाईज़र ने 70 साल पूरे किए

    पाञ्चजन्य और ऑर्गेनाईज़र ने 70 साल पूरे किए

    पाञ्चजन्य और ऑर्गनाइजर, दोनों ने 70 साल पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर देश की राजधानी दिल्ली में दोनों के विशेष संस्करण का लोकार्पण किया गया। इस मौके पर संघ परिवार के दिग्ग्जों के बीच सूचना-प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी ने आरएसएस के प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य के साथ इस विशेष संस्करण का लोकार्पण किया।

  • लद्दाख के 500 लोग अपनी पहचान को मोहताज

    जम्मू । भारत-पाकिस्तान के बीच वर्ष 1971 में हुए युद्ध की छाया अभी भी लद्दाख के तयाकशी गांव का पीछा नहीं छोड़ रही है। जमीन के राजस्व दस्तावेजों के न होने से गांव के करीब 500 लोग 46 साल बाद भी जम्मू-कश्मीर के निवासी होने का प्रमाण नहीं दे पा रहे हैं। वर्ष 1971 के युद्ध के दौरान जब ग्रामीण विस्थापित हुए और कई इलाके भारतीय नियंत्रण में आ गए, उस समय तयाकशी, तुरतुक, चुलुंका और थांग के राजस्व दस्तावेज स्कर्दू में रह गए जो उस समय जिला मुख्यालय था। स्कर्दू इन दिनों पाक अधिकृत कश्मीर में पड़ता है।

  • ऐश्वर्या, सानिया, सिंधू के साथ मिला सम्मान

    ऐश्वर्या, सानिया, सिंधू के साथ मिला सम्मान

    राजस्थान की पहली महिला कुली मंजू ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि आजीविका कमाने के लिए पुरुषों के वर्चस्व वाले पेशे में काम करने की उसकी विवशता उसे एक दिन ऐश्वर्या राय बच्चन और 90 अन्य महिलाओं के साथ राष्ट्रपति भवन पहुंचा देगी.

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