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  • कलियुग के पाखंडी चेहरे!

    भारतवर्ष को दुनिया में अध्यात्मवाद का दर्शन देने वाले एक देश के रूप में पहचाना जाता है। और एक अध्यात्मवादी देश के रूप में  भारत का डंका सदियों से बजता आ रहा है। निश्चित रूप से यही वजह रही होगी कि लगभग सभी धर्मों के संतों, फकीरों, ऋषियों-मुनियों व अध्यात्मवाद का पाठ पढ़ाने वाले स्वदेशी […]

  • रवीश कुमार की बात पर, मोहर नहीं हैं हाथ पर !

    रवीश कुमार बिहार में अपने गांव जाकर आए हैं। गांव में जो उन्होंने देखा, जाना, समझा, महसूस किया और पाया, वह पूरी बेबाक किस्म की ईमानदारी से अपनी कलम से निचोड़कर उन्होंने जस का तस पेश कर दिया। रवीश की बातों के सार को अपने शब्दों में पेश करते हुए एक लाइन में तो सिर्फ […]

  • लोकतांत्रिक छवि पेश कर रहा है म्यांमार

    पांच दशक के सैन्य शासन के बाद करीब दो साल पहले लोकतंत्र की राह पर निकला म्यांमार जल्द ही महत्वपूर्ण मुकाम हासिल करना चाहता है, इसलिए राष्ट्रपति थ्येन सेन बड़े वैश्विक आयोजनों में शामिल होने से पहले राजनीतिक बंदियों की रिहाई करके दुनिया के समक्ष देश की नई तस्वीर पेश करने की भरपूर कोशिश कर […]

  • संगीनों के साये में ‘लोकतंत्र’ का महापर्व

    छत्तीसगढ़ के 18 सीटों पर करीब 67 प्रतिशत मतदान होने की खबर आ रही है। जिसे भारत की मुख्य मीडिया, छत्तीसगढ़ सरकार व भारत का शासक वर्ग एक जीत के रूप में देख रहा है। सभी अखबारों में बुलेट पर भारी बैलट नामक शीर्षक से खबरें बनाई गई हैं। इसे लोकतंत्र की जीत माना जा […]

  • मोदी का साथ और राहुल का हाथ

    देश को लोकसभा चुनावों के लिए अभी गर्मियों का इंतजार करना है किंतु चुनावी पारा अभी से गर्म हो चुका है। नरेंद्र मोदी की सभाओं में उमड़ती भीड़, सोशल नेटवर्क में उनके समर्थन-विरोध की आंधी के बीच एक आम हिंदुस्तानी इस पूरे तमाशे को भौंचक होकर देख रहा है। पिछले दो लोकसभा चुनाव हार चुकी […]

  • इस्लाम, आतंकवाद और 1450 साल का इतिहास

    इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना अर्थात् मोहर्रम शुरु होते ही पूरे विश्व में क़रबला की वह दास्तां दोहाराई जाती है जो लगभग 1450 वर्ष पूर्व इराक के करबला नामक स्थान में पेश आई थी। यानी हज़रत मोहम्मद के नाती हज़रत इमाम हुसैन व उनके परिवार के सदस्यों का तत्कालीन मुस्लिम सीरियाई शासक की सेना के […]

  • कौन जीतेगा बाजी, किसके हाथ लगेगी सत्ता की चाबी!

    भोपाल। अन्य सभी चुनावी राज्यों की अपेक्षा मध्यप्रदेश में ज्यादा गहमागहमी है। राजनीतिक सरगर्मी पर पार्टियों की नजर है। राजनीतिक विश्लेषक इस बात का अंदाजा लगाने में हैं कि उंट किस करवट बैठेगा। प्रदेश में 25 नवम्बर को मतदान होगा। 8 नवम्बर को नामांकन की अंतिम तारीख है। 8 दिसंबर को मतों का पिटारा जनता […]

  • मोहर्रम में रक्तदान शिविर लगाकर करें सद्भावना का प्रदर्शन

    विश्व के कई मुस्लिम बाहुल्य देश इस समय हिंसाग्रस्त हैं। कहीं सत्ता संघर्ष के चलते आए दिन बेगुनाह लोग मारे जा रहे हैं तो कहीं विद्रोहियों व स्थानीय सेना के बीच खंूरेज़ी का खेल चल रहा है। कोई देश जातिवादी हिंसा की चपेट में है तो कहीं आतंकवादी व कट्टरपंथी लोग वैचारिक मतभेद रखने वाले […]

  • और अब नमो को हुई मुस्लिमों की बदनामी की चिंता

    भारतीय जनता पार्टी 2004 में इंडिया शाईनिंग, 2009 में प्राईम मिनिस्टर इन वेटिंग जैसे राजनैतिक ड्रामे रचने के बाद अब गुजरात के विवादित मु यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उ मीदवार बनाकर एक बार फिर उसी प्रकार के राजनैतिक ड्रामे खेलने की कोशिश कर रही है। नरेंद्र मोदी को केवल 2002 के गुजरात […]

  • भारत राष्ट्र के भावी स्वप्न और अतीत की काली छाया

    मैं पशुओँ का डॉक्टर हूँ  यह  बात  मेरे परिचय में ही बता दी गई है  कृषि अर्थशास्त्र नामक एक विषय हमें पढना पडता था इसलिये अर्थशास्त्र से मेरा इतना ही सीमित संबंध है। और यह पुस्तक लिखनेवाले तथा आज के समारंभ के अध्यक्ष स्थान को विभूषित करनेवाले पद्मभूषण डो. दुभाषी इत्यादि लोग इस विषय के […]

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