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कांग्रेस की मुश्किलों का नया मायाजाल

कांग्रेस की राजनीति उबाल पर है। राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़नेवाली हैं। र भले ही वे दक्षिण के समंदर में डुबकी लगाकर बाहर निकल आए हैं। लेकिन उत्तर के जम्मू से आ रहे नए संदेश से उबरना आसान नहीं है। वो जो, 23 नेता थे, जिन्होंने पिछले साल चिट्ठी लिखी तो राहुल को बहुत बुरा लगा था, उनमें से एक आनंद शर्मा ने तो यह तक कह दिया है कि उन 23 नेताओं के कांग्रेसी होने का किसी से प्रमाण पत्र नहीं चाहिए। एक नेता ने यह भी साफ साफ कह दिया है कि देश के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब बहुत ही अच्छा कहा, फिर भी हमारी कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें कोई सम्मान नहीं दिया।

दुखी आत्माओं का दर्द यह भी है कि राहुल गांधी ने कई वरिष्ठ नेताओं सहित पूरे उत्तर भारत को दरकिनार करके मल्लिकार्जुन खड़गे को राज्यसभा में विपक्ष का नेता बना दिया। कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी, विवेक तन्खा और भूपिंदर सिंह हुड्डा सहित सारे बड़े नेता बिफरे हुए हैं। लोकप्रिय नेता राज बब्बर ने तो कह दिया है कि जी-23 को महात्मा गांधी–23 समझा जाए। और बब्बर यह भी बोले कि आजाद साहब की यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है। खयाल रहे कि जम्मू में इन कांग्रेसियों ने भगवा साफा पहन रखा था। मतलब साफ है कि कांग्रेस में लफड़ा बढ़नेवाला है।

(लेखक राजनीतिक विश्लेषक हैं)

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