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केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, सेवाधाम किसी तीर्थ से कम नहीं

उज्जैन।
कोई भी सच्चे मन से एक भी दीन दुखी की सेवा करता है तो वह जगह दिव्य बन जाती है किन्तु सेवाधाम में सुधीर भाई तो असंख्य दीन दुखियों की सेवा कर रहे है।

‘अंकित ग्राम’ सेवाधाम आश्रम के परोक्ष समाजसेवी मास्टर अंकित गोयल के 38वें अवतरण दिवस पर 31वें 31 दिवसीय वर्षा मंगल महोत्सव के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा-मित्र सम्मेलन का शुभांरभ करते हु़ए केरल के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान ने ये उद्गार व्यक्त किए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता देश के ख्याति प्राप्त पत्रकार, साहित्यविद् डाॅ. वेद प्रताप वैदिक ने की।

यह कार्यक्रम में 11 राज्यों से आए पर्यावरण, मानव सेवा, संस्कार, जैविक कृषि एवं गौ सेवको के साथ सेवाधाम आश्रम संस्थापक सुधीर भाई गोयल, रमेश भैया संस्थापक-विनोबा सेवा आश्रम, शाहजहांपुर (उ.प्र.), डाॅ. विनोद भण्डारी, संस्थापक अध्यक्ष-अरबिंदो हाॅस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर इन्दौर, नरेश यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष- हरिजन सेवक संघ, दिल्ली, अजय पाण्डे, लखनउ, डाॅ. रामगुलाम राजदान कुलाधिपति मालवांचल विश्व विद्यालाय, इन्दौर आदि की उपस्थिति में हुआ।

केरल के राज्यपाल महामहिम आरिफ मोहम्मद खान का मुख्य द्वार पर आश्रम के विशेष बच्चों द्वारा तैयार सद्गुरू बैण्ड से स्वागत सम्मान किया गया। सुधीर भाई ने आश्रम में संचालित विभिन्न प्रकल्पों में निवासरत बच्चों, युवाओं एवं बुजुर्ग महिला पुरूषों से आत्मीय मुलाकात कराई, जिसे देख वह काफी द्रवित हुए एवं मानव सेवा के तीर्थ को देखकर भाव विभोर हो गए।

माननीय राज्यपाल ने सम्मेलन में अपने उद्बोधन में कहा कि – सुधीर भाई सेवाधाम आश्रम की आत्मा है, मैं यहां उज्जैन में तीन महीने पहले आया था तब महाकाल बाबा के दर्शन के बाद पुनः आज सेवाधाम आने से मेरी यात्रा सफल हुई। भगवान के दर्शन के बाद जो भाव इंसान में पैदा होने चाहिए उसकी अभिव्यक्ति सेवाधाम आश्रम है।

कोई भी सच्चे भाव से एक भी दीन दुखी की सेवा करता है वह जगह दिव्य बन जाती है लेकिन सेवाधाम में तो सुधीर भाई असंख्य दीन दुखियों की सेवा कर रहे है यह स्थान किसी तीर्थ से कम नही है। उन्होंने कहा कि सेवाधाम आश्रम भारतीय संस्कृति को चरितार्थ कर रहा है ऐसे आश्रम भारत की सभ्यता, संस्कृति और आस्था के प्रतिक है। उन्होंने श्री गीता, वेद पुराण, कुरान के साथ-साथ स्वामी विवेकानन्द और नेताजी सुभाषचन्द्र बोस का स्मरण करते हुए कहा कि सभी धार्मिक ग्रंथों और दिव्य पुरूषों के पदचिन्हों पर सेवाधाम आश्रम में जो भारतीय आध्यात्मिकता का मर्म कि ‘‘ मैं सबमें हूं और सब मुझमें है’’ तो फिर दूसरो के दर्द का अहसास होने लगता है और सेवाधाम में सुधीर भाई इसी दर्द का अहसास करते हुए सेवा कर रहे है। यह भारत देश की बुनियादी चिज है जो यहां बड़े पैमाने पर मानव सेवा हो रही है।

माननीय राज्यपाल ने भगवान कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने पूरे विश्व के लिए जो आदर्श दिए है आज उन्हें याद करने का दिन है। उन्होंने सेवाधाम के संस्थापक सुधीर भाई के जन्मदिवस एवं कृष्णजन्माष्टमी के अवसर पर कहा कि सेवाधाम आश्रम भी श्री कृष्ण के आदर्श पर चल रहा है।

सरल, सहज और आत्मीयता से सेवाधाम आश्रम के 700 से अधिक दिव्यांग, पीड़ित, शोषित, निःशक्त महिला पुरूष एवं बच्चों से मिलने के बाद कहा कि मूकबधिर को खीर खिलाने के बाद पूछा जाए कि कैसा लग रहा है वह क्या कह पाएगा, बस ऐसी ही मेरी भी हालत उस मूकबधिर के जैसी है, मैं यहां के अनुभवों को बयां नही कर सकता।

डाॅ. वेद प्रताप वैदिक ने समारोह में अपने उद्बोधन में कहा कि आरिफ मोहम्मद खान राज्यपाल नही बल्कि एक सच्चे मानव सेवी है उनकी सरलता ऐसी है कि मैेंने एक बार कहा कि मानव सेवा संस्थान जो कि उज्जैन में मेरा सुधीर संचालित कर रहा है वहां पर 700 से अधिक पीड़ितजन सम्पूर्ण भारत से निवास करते है उनके बीच एक बार आप चलेंगे। उन्होंने सहजता से कहा कि मैं अवश्य ही बाबा महाकाल की नगरी में जाकर मानव सेवा तीर्थ को देखूंगा। आज उन्हें यहां देखकर मैं भी अभिभूत हूं। सुधीर को मैं फादर टेरेसा कहता हूं और वह मेरे वाक्य को हमेशा से चरितार्थ करते आ रहा है।

अरबिंदो हाॅस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर, इन्दौर के संस्थापक अध्यक्ष डाॅ. विनोद भण्डारी ने कहा कि सेवाधाम के 700 से अधिक सदस्यों का मेडिकल चेकअप वरिष्ठ और अनुभवी डाॅक्टरो की टीम करेंगी और साथ ही सेवाधाम में नर्सिंग टेªनिंग सेंटर और हाॅस्पिटल निर्माण की योजना पर शीघ्र ही कार्य होगा।

सुधीर भाई गोयल ‘‘भाईजी’’ ने कहा कि मैं अभी अपने सेवा के कार्य से पूर्ण रूप से संतुष्ट नही हूं मुझे ओर अधिक कार्य करना है। जब तक भारत में एक भी दिव्यांग, निराश्रित, बेघर, बीमार, मरणासन्न, परित्यक्त मानव शेष है तब तक मेरा कार्य यूं ही निरंतर जारी आप सभी के सहयोग से जारी रहेगा, यह मेरा संकल्प है।

सम्मेलन में पधारे विशिष्ठ सेवा मित्रों का सम्मान किया गया

सेवाधाम आश्रम द्वारा मानव सेवा के लिए विमला बहन, वरिष्ठ समाजसेविका, उत्तरप्रदेश, सिद्धार्थ सेवार्थ, संयोजक-आदर्श ग्राम खुरपी, उत्तरप्रदेश, डाॅ. आबिदा बेगम, समाजसेविका, कर्नाटक, डाॅ. रामगुलाम राजदान, कुलाधिपति-मालवांचल विश्वविद्यालय, इन्दौर, अमित जोशी, आरोग्य भारती-माधव सेवा न्यास, इन्दौर, अजय पाण्डे, लखनउ, श्रीमती कांता भाभी, उज्जैन, श्रीमती मोनिका गोयल बाजोरिया आदि का ‘‘सेवाधाम मित्र सम्मान’’ एवं ’’सेवाधाम सेवा श्री सम्मान’’ से सम्मानित किया गया।

विशेष बच्चों द्वारा सत्यवती महिला प्रकल्प में मलखम्ब एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम की दी प्रस्तुति

श्रीरामकृष्ण बालगृह एवं मां शारदा बालिकागृह के विशेष बच्चों द्वारा मलखम्ब की प्रस्तुति दी जिसे राज्यपाल जी द्वारा काफी सराहा गया। इस अवसर पर सत्यवती महिला प्रकल्प में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति के साथ दृष्टिबाधित भोली अग्रवाल ने स्वागत गीत, कोयल की आवाज एवं अस्थिबाधित सनी ने देशक्ति गीत गाया जिसे सभी श्रोतागणों ने सराहा।

केरल के राज्यपाल दिव्यांग एवं बहु दिव्यागों की सेवा देख भाव विभोर हो उठे
सुधीर भाई ने केरल के राज्यपाल माननीय आरिफ मोहम्मद खान साहेब को जब आश्रम में हो रही मानव सेवा से परिचित कराया एवं आश्रम में निवासरत दिव्यांग, बहु दिव्यांग, मनोविक्षिप्त, बिस्तरग्रस्त एवं विविध संक्रमण के शिकारों को देखा तो उनका मन भर आया एवं उन्होंने डाॅ. वेद प्रताप वैदिक से कहा कि मैं तीन महिने पहले उज्जैन आया किन्तु आज मेरा आना सफल हुआ, र्मैं आया तो था राज्पाल के रूप में किन्तु यहां आकर मुझे अपना घर सा अनुभव हो रहा है, मैं आया अपनी इच्छा से हूं एवं मैं सेवाधाम के सम्पूर्ण प्रकल्पों को देखना चाहता हूं एवं जाउंगा आप सभी की इच्छा से। उन्होंने प्रत्येक प्रकल्पों में निवासरतों से भेंट की एवं प्रेमाश्रय प्रकल्प में निवासरत पुरूषों को विशेष भोजन परोसा।

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