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साहित्यसुधा अप्रैल(द्वितीय) 2018 अंक

‘साहित्यसुधा’ का अप्रैल(द्वितीय), 2018 अंक अब http://www.sahityasudha.com पर उपलब्ध हो गया है। कृपया साहित्यसुधा की वेबसाइट पर जा कर साहित्य का आनंद उठायें। आपसे अनुरोध है कि इसमें प्रकाशित सामग्री पर अपनी प्रतिक्रिया अवश्य भेजें जिससे रचनाकारों को प्रोत्साहन मिलेगा। आपसे यह भी अनुरोध है कि आने वाले अंकों में प्रकाशन हेतु अपनी मौलिक रचनायें* भेजते रहें। रचनायें वर्ड में यूनिकोड फॉण्ट में टंकित होनी चाहियें । यह सुनिश्चित करने के लिये कि आपकी रचनायें साहित्यसुधा के आने वाले अंक में प्रकाशित हो जायें, कृपया माह के प्रथम अंक के लिये 25 तारीख तक और द्वितीय अंक के लिये 10 तारिख अपनी रचनायें अवश्य भेज दें। इन तारीखों के बाद प्राप्त हुई रचनाओं पर समय और उपलब्ध स्थान के अनुसार ही विचार किया जायेगा।

यदि आप पहली बार रचना भेज रहे हैं और आपने अपना परिचय पहले नहीं भेजा हुआ है तो अपनी रचनाओं के साथ कृपया अपने चित्र के साथ अपना संक्षिप्त परिचय भी, जो वर्ड में यूनिकोड फॉण्ट में टंकित हो, भेजें।

‘साहित्यसुधा’ को और लोकप्रिय बनाने के लिये और हिंदी साहित्य को अन्य रचनाकारों एवँ अपनी रचनाओं को अधिकाधिक लोगों तक पहुँचाने के लिये कृपया इसके लिंक को अपने मित्रों को भी भेजें और उसकी एक प्रति मुझे भी अग्रेषित कर दें ताकि आने वाले अंकों की जानकारी उन्हें सीधे पहुंचाई जा सके । आपसे यह भी अनुरोध है कि इसका प्रचार फेसबुक एवँ अन्य सोशल मीडिया पर भी करें ताकि आपकी और अन्य रचनाकारों की कृतियाँ अधिक से अधिक लोग पढ़ सकें ।

लेखकों से अऩुरोधः बार-बार अनुरोध करने पर भी यह पाया गया है कि रचनायें/परिचय यूनिकोड फॉण्ट के बजाय कृतिदेव फॉण्ट में भेजी जा रही हैं। इससे एक ओर तो इन रचनाओं को यूनिकोड फॉण्ट में परिवर्तित करने में बहुत समय लगता है और असुविधा होती है, साथ ही साथ उनमें बहुत सी त्रुटियाँ रह जाती हैं जिससे रचनाओं के अर्थ भी बदल सकते हैं। इसलिये कई रचनाओं को ‘सहित्यसुधा’ में प्रकाशित करना मुश्किल हो जाता है। अत:, आपसे अनुरोध है कि https://www.google.co.in/inputtools/windows/ लिंक पर जा कर गूगल इनपुट टूल डाउनलोड करें और फिर यूनिकोड फॉण्ट में टाइप करके अपनी रचनायें/परिचय भेजें।

डॉ० अनिल चड्डा
सम्पादक
साहित्यसुधा



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