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लोक सभा अध्यक्ष ने संसद के मानसून सत्र की तैयारियों का जायज़ा लिया

नई दिल्ली। 17वीं लोक सभा के 19 जुलाई, 2021 से आरम्भ हो रहे छठे सत्र की तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए आज लोक सभा अध्य क्ष, श्री ओम बिरला ने संसद भवन परिसर में विभिन्न स्था नों को दौरा किया और सत्र के सुचारू संचालन के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। इस अवसर पर श्री बिरला ने यह जानकारी दी कि आगामी मानसून सत्र के दौरान सभा की बैठक सामान्यल रूप से 11 बजे से शुरु होगी। श्री बिरला ने यह भी बताया कि इस सत्र में 19 बैठकें होंगी। सत्र के लिए कोविड संबंधी व्योवस्था ओं के बारे में जानकारी देते हुए श्री बिरला ने कहा कि संसद सदस्योंं, अधिकारियों, मीडिया और अन्यह व्यरक्तिएयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यंक कदम उठाए गए हैं। वैक्सीरन की एक डोज़ ले चुके सदस्यों के लिए आरटीपीसीआर टेस्टी अनिवार्य नहीं होगा। आरटीपीसीआर टेस्टड की सुविधा संसद भवन परिसर में उपलब्धं रहेगी।

अध्यक्ष महोदय ने यह भी बताया कि अब तक कुल 441 सदस्यो को टीका लगाया जा चुका है और बाकी सदस्योंि को टीका मेडिकल आधार पर नहीं लगाया जा सका। लोक सभा सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का टीकाकरण भी हो चुका है। श्री बिरला ने कहा कि टीकाकरण की सुविधा संसद भवन परिसर में उपलब्धह रहेगी। कोविड के कारण लगाए गए प्रतिबंधों के चलते संसद के मानसून सत्र के दौरान आगंतुकों को संसद भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

श्री बिरला ने जानकारी दी कि एक मोबाइल एप तैयार किया जा रहा है जिससे सभी संसदीय मामलों के लिए वन स्टॉतप सुविधा उपलब्धी कराई जाएगी।

17वीं लोक सभा में हुए कार्य के बारे में बताते हुए लोक सभा अध्य क्ष ने कहा कि कोविड की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद 17वीं लोक सभा के पहले पांच सत्रों के दौरान पिछली लोक सभाओं की तुलना में कई अधिक कार्य हुआ। 14वीं, 15वीं और 16वीं लोक सभा की तुलना में 17वीं लोक सभा में बैठकों की संख्याल अधिक रही जिसके परिणामस्वीरूप 17वीं लोक सभा में कार्य उत्पांदकता सबसे अधिक रही। इस संदर्भ में श्री बिरला ने यह जानकारी भी दी कि कोविड काल के दौरान कई सदस्योंा ने उत्कृअष्ट कार्य किया जिसे सभी के साथ साझा किया जाएगा। बताया कि हाल ही में नियम 377 के अधीन उठाए गए मामलों में मंत्रालयों ने प्राप्त होने वाले उत्तदरो में वृद्धि हुई है। लोक सभा अध्य क्ष ने बताया कि 17वीं लोक सभा में कार्यपालिका की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं।

श्री बिरला ने यह भी कहा कि भारत में लोकतंत्र समय की कसौटी पर खरा उतरा है। देश मजबूत हो रहा है और विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंरने संसदीय राजनय के बारे में बात करते हुए कहा कि विश्वे के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत की संसद अंतर-संसदीय समूह और राष्ट्रेमंडल संसदीय संघ जैसे विश्वा संसदीय मंचों पर सक्रिय रहती है। श्री बिरला ने कहा कि लोक सभा अन्यर देशों की संसदों के सदस्योंस की क्षमता का संवर्धन कर सकती है श्री बिरला ने बताया कि सदस्योंल के क्षमता निर्माण के लिए लोक सभा का रिसर्च विंग सभी संसद सदस्योंि को नीतिगत मुद्दों और अन्यो विषयों के बारे में संगत जानकारी 24×7 उपलब्ध् कराता है। अध्यगक्ष महोदय ने यह भी कहा कि आने वाले समय में संसद लाइब्रेरी को पूरी तरह डिजिटाइज़ कर दिया जाएगा तथा 1854 से अब तक के सभी महत्वरपूर्ण संसदीय वाद-विवाद, पत्र और दस्तायवेज़ आदि डिजिटल रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। संसद लाइब्रेरी और राज्य विधान सभाओं की लाइब्रेरियों को एक डिजिटल प्लेगटफॉर्म पर उपलब्धय कराया जाएगा। श्री बिरला ने बताया कि सदस्यों् की सुविधा के लिए लाइब्रेरी से पुस्तपकों की घर पर डिलीवरी की सुविधा भी शुरू की गई है। नए संसद भवन के बारे में बताते हुए श्री बिरला ने कहा कि नए संसद भवन का निर्माण कार्य समय पर पूरा होगा।

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