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रिलायंस ने हजम कर लिए 1452 करोड़ रुपये

मेसर्स रिलायंस एनर्जी इस अनिल अंबानी की कंपनी ने उपभोक्ताओं ने इस्तेमाल किए इलेक्ट्रिसिटी पर इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी और यूूनिट पर इलेक्ट्रिसिटी टैक्स उपभोक्ताओं सेे वसूल कर सरकारी एकाउंट में रु 1452 करोड़ जमा किए नहीं है। गौतम अदानी ने रिलायंस बिजली कंपनी खरीदने के बाद अब यह बकाया राशि कौन अदा करेंगा? इसपर कोई स्पष्टता नहीं हैं।अक्टूबर 2016 से अक्टूबर 2017 इन 13 महीनों में रु 1451,69,15,200/- इतनी रकम बकाया होने की चौकानेवाली जानकारी सरकार के इलेक्ट्रिसिटी इंस्पेक्टर ने आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को दी थी।

आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने महाराष्ट्र सरकार से मेसर्स रिलायंस एनर्जी कंपनी ने की इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी और इलेक्ट्रिसिटी टैक्स की बकाया रकम की जानकारी मांगी थी। सांताक्रूज निरीक्षण विभाग की इलेक्ट्रिसिटी इंस्पेक्टर मिनाक्षी वाठोरे ने अनिल गलगली को बताया कि उनके कार्यालय में इलेक्ट्रिसिटी टैक्स की शाखा जून 2017 से कार्यान्वित हुई हैं। जून 2017 इस महीने में इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी की रकम रु 103,85,87,500/- और इलेक्ट्रिसिटी टैक्स की रकम रु 14,14,58,200/- इसे 31 जुलाई 2017 तक अदा नहीं किया। उसके बाद जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर 2017 इन 4 महीने की इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी रु 419,10,84,100/- और इलेक्ट्रिसिटी टैक्स में रु 43,14,99,900/- टॉस ( 0.15 पैसे ) एवं रु 11,24,23,800/- ग्रीन सेस (0.08 पैसे) ऐसे कुल मिलाकर रु 473,50,07,800/- इतनी रकम अदा नहीं की हैं। कुल मिलाकर जून 2017 से अक्टूबर 2017 इन 5 महीने का कुल रु 591,50,53,500/- इतनी रकम बकाया हैं। मुंबई सेंट्रल स्थित विद्युत निरीक्षक, मुंबई निरीक्षण विभाग ने अनिल गलगली को बताया कि अक्टूबर 2016 से मई 2017 इन 8 महीनों की रु 860,18,61,700/- इतनी रकम अदा नहीं की हैं।

महाराष्ट्र इलेक्ट्रिसिटी डयूटी अधिनियम 2016 में नियम 11 के अनुसार इलेक्ट्रिसिटी डयूटी और इलेक्ट्रिसिटी टैक्स तयशुदा समय पर अदा नहीं करने पर पहिले 3 महीने के लिए वार्षिक 18 प्रतिशत रेट और उसके बाद रकम करने तक वार्षिक 24 प्रतिशत रेट से ब्याज वसूला जाएगा। अनिल गलगली की आरटीआई के बाद गहरी नींद से उठते हुए दिनांक 3 नवंबर 2017 को इलेक्ट्रिसिटी इंस्पेक्टर मिनाक्षी वाठोरे ने महाप्रबंधक, मेसर्स रिलायंस एनर्जी को पत्र भेजकर बकाया इलेक्ट्रिसिटी डयूटी और इलेक्ट्रिसिटी टैक्स ब्याजसहित अदा करने के निर्देश जारी किए है। मुंबई निरीक्षण विभाग ने भी मेसर्स रिलायंस कंपनी को कारण बताओ नोटीस जारी किया हैं।

अनिल गलगली ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र भेजकर मेसर्स रिलायंस एनर्जी कंपनी से इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी और टैक्स की बकाया राशि ब्याज सहित वसूल करने की मांग की हैं। रिलायंस वीज कंपनी से जुड़े सभी बैंक एकाउंट का ऑडिट होता नहीं और जबतक सभी प्रकार का इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी और टैक्स वसूल होता नहीं हैं तबतक रिलायंस बिजली कंपनी की बिक्री को मान्यता नहीं दे, ऐसी मांग अनिल गलगली ने की थी। जिसपर किसीं भि तरह की कारवाई नहीं हुई उल्टे रिलायंस कंपनी के अनिल अंबानी ने जल्दबाजी करते हुए अदानी को बिजली कंपनी बेचकर निकल लिए। अब 1452 करोड़ की बकाया राशि कौन अदा करेंगे? इसका खुलासा अनिल अंबानी या गौतम अदानी से महाराष्ट्र सरकार लेकर इसकी स्पष्टता करे, ऐसी मांग अनिल गलगली की हैं।

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