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चलती गाड़ी में माँ बनी, टीटीई से लेक यात्रियों ने मानवता की मिसाल कायम की

जबलपुर। बेंगलुरु से पटना जा रही संघमित्रा एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में एक महिला यात्री को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। नरसिंहपुर स्टेशन से ट्रेन निकल चुकी थी, अगला स्टेशन करेली था। दर्द बढ़ता जा रहा था। महिला के साथ सिर्फ उसका 3 साल का बेटा था। इस मुसीबत में हर कोई मदद के लिए आगे आया। एक यात्री ने भागकर टीटी को खबर दी। चलती ट्रेन में ही टीटी ने महिला डॉक्टर ढूंढ़ लाया।

सीट तलाशते हुए नर्स भी मौके पर पहुंच गई। कंडक्टर पेंटीकार से गर्म पानी लाया। यात्रियों ने टॉवल और डिटॉल दे दिया। फिर क्या था… 10 मिनट में प्रसव कराने की सारी तैयारियां पूरी हो गई। आधे घंटे बाद महिला ने एक स्‍वस्‍थ्‍ा बच्‍ची को जन्म दिया। जबलपुर पहुंचने पर डॉक्टर ने मां-बेटी का चेकअप किया और आगे यात्रा करने की अनुमति दे दी।

ट्रेन में ही मिल गई महिला डॉक्टर

जानकारी के मुताबिक एस 7 कोच के 36 सीट पर यात्रा कर रही महिला साबा परवीन बैंगलोर से पटना जा रही थी। दोपहर तकरीबन 5 बजे नरसिंहपुर से जैसे ही ट्रेन रवाना हुई, महिला को दर्द शुरू हो गया। अगल स्टेशन करेली था, लेकिन दर्द बढ़ता जा रहा था। ट्रेन में मौजूद टीटी गणेश स्वरूप विरहा ने तत्काल कंडेक्टर आरके मेहरोलिया को इसकी जानकारी दी।

इधर टीटी ने एससीबी 1 के सीट नंबर 36 में में नागपुर से मुगलसराय जा रही महिला डॉक्टर विद्या देशमुख (आयुर्वेद) को इस बारे में बताया तो वे भी तत्काल उस महिला के पास पहुंच गईं। वहीं कोच 7 में वेटिंग टिकट पर नागपुर से बैंगलोर जा रही महिला नर्स एंबूस ने भी उसकी मदद की।

करेली स्टेशन पहुंचते ही बेटी को जन्म दिया

करेली स्टेशन पहुंचने के पहले ही महिला को तेजी से दर्द होने लगा। डॉक्टर ने तत्काल डिलेवरी करने को कहां तो यात्रियों ने तत्काल केबिन को खाली कर दिया। कंडक्टर ने तत्काल गर्म पानी से लेकर हर छोटी चीजों की वहां व्‍यवस्‍था की दी तो यात्रियों ने भी केबिन के चादर बांध दिया। जैसे ही ट्रेन करेली पहुंची महिला ने बच्ची को जन्म दिया।

बच्चा और मां स्वस्थ

करेली स्टेशन में रेलवे के डॉक्टर को तत्काल बुला लिया गया, जिसने बच्चा और मां का चैकअप किया। दोनों स्वस्थ होने के कारण ट्रेन को जबलपुर रवाना कर दिया। शाम पौने 7 बजे जैसे ही गाड़ी जबलपुर पहुँची। यहां पहले से ही रेलवे डॉक्टर और स्टाफ मौजूद था। उन्होंने महिला से उतरने के लिए कहा, लेकिन उसने माना कर दिया। मां-बेटी स्‍वस्‍थ होने के कारण ज्यादा जोर नहीं दिया और डॉक्टर ने आगे जाने की सलाह दे दी।

साभार-t: http://naidunia.jagran.com/ से 

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