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थॉमस कुक: जानें, क्यों डूबी दुनिया की सबसे पुरानी टूर ऐंड ट्रैवल कंपनी

डूब गई ब्रिटेन की सबसे पुरानी ट्रैवल ऐंड टूर कंपनी थॉमस कुक, कर्ज के बोझ से नहीं उबर पाई
थॉमस कुक पर करीब 1800 करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुका पाई, सोमवार को बंद हो गए शटर
थॉमस कुक के बंद होने से दुनियाभर में 6 लाख पर्यटक फंसे, एक झटके में 22000 लोगों की जाएगी जॉब थॉमस कुक ने ही 1955 में कंपलीट हॉलिडे पैकेज का दिया था कॉन्सेप्ट, 1841 में हुई थी स्थापना दुनिया की सबसे पुरानी ट्रैवल कंपनी थॉमस कुक ने सोमवार कारोबार बंद होने की घोषणा की। 1841 में छोटे से स्तर से कारोबार की शुरुआत करने वाली कंपनी इतनी बड़ी हो चुकी थी कि इसके बंद होने का असर पूरी दुनिया होगा। कंपनी के बंद होने से 6 लाख पर्यटक जहां-तहां फंस गए हैं।


नई दिल्ली।
दुनिया की सबसे पुरानी ब्रिटिश टूर व ट्रैवल कंपनी थॉमस कुक का सफर थम गया है। 178 साल पुरानी इस कंपनी का रातोंरात शटर डाउन होने से दुनियाभर के होटलों में बुकिंग कराने वाले करीब छह लाख पर्यटक फंस गए हैं। इसके साथ ही 16 देशों में फैली इस कंपनी के करीब 22 हजार कर्मचारी एक झटके में बेरोजगार होने को हैं। इस संकट को लेकर कहा जा रहा है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बार पहली बार इतने टूरिस्ट होटलों में कैद हुए हैं। थॉमस कुक दुनिया की पहली कंपनी थी जिसने परिवार सहित घूमने के पैकेज के कॉन्सेप्ट की शुरुआत की। आखिर ब्रिटेन की यह नामी कंपनी अचानक बंद क्यों हो गई, आइए जानते हैं इसके फर्श से आसमां तक पहुंचने और फिर तबाह होने की कहानी….

1955 में थॉमस कुक इंटरनैशनल हुई। औद्योगिक क्रांति के बाद ब्रिटेन में मिडिल क्लास की बढ़ती आकांक्षाओं की हमराह बनी। उसने लंदन से पैरिस के लिए ट्रिप का ऐलान किया। पहली बार किसी कंपनी ने कंपनी हॉलिडे ‘पैकेज’ की पेशकश की, जिसमें यात्रा के साथ-साथ रहने और खाने का भी इंतजाम था।

1892 में नई पीढ़ी के हाथ में आई कंपनी
संस्थापक थॉमस कुक का 1892 में निधन हो गया। इसके बाद उनके कारोबार को बेटे जॉन मैसन कुक ने संभाला।

(दशकों पुराने विज्ञापन: साभार थॉमस कुक)

1928 में कुक के पोतों ने कंपनी को बेचा । थॉमस के पोते फ्रैंक और अर्नेस्ट ने 1928 में कंपनी के कारोबार को बाहरी मालिकों के हाथों बेच दिया।

1948 में कंपनी का राष्ट्रीयकरणः द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद 1948 में ब्रिटेन में रेलवे का राष्ट्रीयकरण हुआ। इस दौरान थॉमस कुक भी बिकने के कगार पर थी तो सरकार ने इसका अधिग्रहण कर लिया था।

1972 में थॉमस कुक फिर से निजी हाथों में आ गई। कंपनी को मिडलैंड बैंक, होटलियर ट्रंस्ट हाउस फोर्ट और ऑटोमोबाइल असोसिएशन ने खरीद लिया। उस वक्त मध्य पूर्व में तेल संकट, ब्रिटेन में मजदूरों की हड़ताल की वजह से जहां बाकी ट्रैवल कंपनियों का भट्ठा बैठ गया लेकिन थॉमस कुक न सिर्फ मजबूती से डटी रही बल्कि दोबारा निजी हाथों में आने के बाद उसने अपने धंधे का ग्लोबल विस्तार भी किया।

एक जर्मन कंसोर्टियम ने 1992 में थॉमस कुक ग्रुप का अधिग्रहण कर लिया। 2001 में जर्मन कंपनी C&N टूरिस्टिक एजी ने इसका अधिग्रहण कर लिया और इसका नाम बदलकर थॉमस कुक एजी हो गया।

2007 में थॉमस कुक और यूके बेस्ड पैकेज ट्रैवल कंपनी माइ ट्रैवल का विलय हुआ जो आत्मघाती साबित हुआ। यहीं से उसके पतन की शुरुआत हुई। इस वजह से थॉमस कुक कर्ज के बोझ तले दब गई, जिससे उबर नहीं पाई। इसके अलावा, उसे एक नई कंपनी जेट2हॉलिडे से तगड़ी प्रतिस्पर्धा मिलने लगी। पिछले महीने थॉमस कुक के संकट से निकलने की तब उम्मीद बंधी जब उसने चीन की इन्वेस्टमेंट कंपनी फोसन के साथ 1.1 अरब डॉलर का रेस्क्यू डील किया। हालांकि, यह भी काम नहीं आ पाई। उस पर 1770 करोड़ रुपये का कर्ज था, जिसे वह नहीं चुका पाई।

थॉमस कुक को सबसे ज्यादा इंटरनेट ने डुबोया है। सोशल नेटवर्किंग और ई-कॉमर्स बेस्ड कंपनियों ने पूरी दुनिया में संगठित टूरिज्म और हॉस्पिटलिटी इंडस्ट्री की जड़ खोदकर रख दी है। दुनिया में किसी भी अनजानी लोकेशन पर जाने के लिए आपको सस्ती हवाई सेवा उपलब्ध कराने के लिए ढेरों साइटें सक्रिय हैं। यही हाल होटल में या किसी के घर पर कमरा लेने, खाना मंगाने और टैक्सी बुक करने का भी है। इन वजहों से आखिरकार 178 साल पुरानी कंपनी बंद हो गई।

थॉमस कुक के डूबने से एक झटके में 22,000 लोगों की नौकरियां भी खतरे में पड़ गई हैं। अकेले ब्रिटेन में 9,000 लोगों की नौकरियां किसी भी वक्त जा सकती हैं। दुनिया की सबसे पुरानी टूर ऐंड ट्रैवल कंपनी के बंद होने से दुनियाभर में 6 लाख यात्री फंसे हैं। अकेले ब्रिटेन के डेढ़ लाख पर्यटक फंसे हुए हैं। इसके अलावा जर्मनी के 1,40,000 पर्यटक फंसे हुए हैं। ग्रीस में करीब 50,000 टूरिस्ट फंसे हुए हैं। बात अगर भारत की करें तो अकेले गोवा टूरिजम को करीब 50 करोड़ रुपये का झटका लग सकता है।

साभार-नवभारत टाईम्स से

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