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भारत माता की जय लिखेंगे तभी स्कूल में प्रवेश मिलेगा

अहमदाबाद । गुजरात के एक स्कूल ने कहा है कि वो उन्हीं बच्चों को एडमिशन देगा, जो अपने आवेदन पत्र पर ‘भारत माता की जय’ लिखेंगे। अमरेली में श्री पटेल विद्यार्थी आश्रम ट्रस्ट का एक प्राइमरी स्कूल, दो हाइस्कूल और एक कॉलेज हैं। ट्रस्ट के सदस्यों ने स्थानीय भाजपा नेता दिलीप सांघनी की अध्यक्षता में ये फैसला किया। ट्रस्ट के स्कूलों में फिलहाल 4500 सदस्य पढ़ते हैं। उल्लेखनीय है कि ‘भारत माता की जय’ बोलने के मसले पर इन दिनों लगातार बहस हो रही है। भाजपा समेत राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े तमाम संगठन ‘भारत माता की जय’ बोलने को देशभक्ति से जोड़ रहे हैं, जबकि दारूल उलूम देवबंद समेत कई मुस्लिम संगठन इन दलीलों का विरोध कर रहे हैं।

राष्ट्र भावना जगाने लिया गया फैसला
दिलिप संघानी ने कहा कि हमारा ट्रस्ट 104 साल पुराना है और हम अपने छात्रों में राष्ट्रवाद की भावना भरना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में जब शिक्षण संस्थानों में राष्ट्रविरोधी आंदोलन और नारे घर कर रहे हैं, हम चाहते हैं कि हमारे छात्र देश का सम्मान करें। हमारा पक्का भरोसा है कि एक एजुकेशनल ट्रस्ट के तौर पर हमें अपने छात्रों में राष्ट्रवाद की भावना जगानी चाहिए।

ट्रस्ट का है फैसला, हम कुछ नहीं कर सकते
गुजरात की भाजपा इकाई ने दिलीप संघानी के नेतृत्व में लिए गए फैसले से खुद को अलग करते हुए कहा कि यह फैसला स्कूल के ट्रस्टियों द्वारा लिया गया है, हम कुछ नहीं कर सकते। वहीं इस स्कूल में अगले शैक्षणिक सत्र से नया नियम लागू हो जाएगा। हम सिर्फ उन्हीं छात्रों को एडमिशन देंगे जो अपने ऐप्लीकेशन फॉर्म में भारत माता की जय लिखेंगे और जो नहीं लिखेंगे, उनका प्रवेश निरस्त माना जाएगा।
नहीं डाला जा सकता बोलने के लिए दबाव
वहीं गुजरात सरकार के शिक्षा मंत्री भूपेंद्रनाथ चुडासमा ने कहा कि किसी पर ‘भारत माता की जय’ कहने का दबाव नहीं बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ये फैसला एक संगठन ने लिया है और इसका बीजेपी से कोई लेनादेना नहीं है। चुडासमा ने कहा कि उन्हें ट्रस्ट के फैसले के संबंध में अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है।

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