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मासिक धर्म पीड़ित महिलाओँ को मुस्कान बाँट रही है डॉ. एकता धारीवाल

कोटा जेके लोन अस्पताल के परिसर में अक्षम कल्याण सेवा संस्थान की अध्यक्ष डॉ. एकता आज उन महिलाओँ को मुस्कान बाँट रही है जिनकी कोई सुध नहीं लेता।

कोटा की हर महिला हर चिकित्सक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जानते हैं कोटा में महिलाओं के सबसे दुःखद मासिक धर्म के दिनों में जो तकलीफ उन्हें होती है जो गंदगी से बचने के लिए वोह गरीबी होने से लापरवाही बरतती है और फिर इंफेक्शन गंभीर जानलेवा बिमारियों का शिकार होना पढ़ता है स्वास्थ्य विभाग आँकड़ों के अनुसार असंख्य महिलाओं की ऐसी लापरवाही से उपजी बीमारियों से मौत होती है। केंद्र सरकार ने भी इसे गंभीरता से लिया केंद्रीय स्वास्थ्य विभाग का भी यह अभियान है खुदअक्षयकुमार सहित कई फिल्म कलाकार सेनेटरी पैड के विज्ञापनों में इस मामले के साक्षरता कार्यक्रमों में हैं। कई फिल्मे भी बनाई गयी है ऐसे में अक्षम कल्याण सेवा संस्थान की अध्यक्ष डॉक्टर एकता धारीवाल ने कोटा में इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए आवाज़ उठाई अभियान चलाया। अस्पतालों मेंजेलों मेंअनाथाश्रमों में स्कूलों में होस्टल्स में मज़दूर बस्तियों में सभी मोहल्लों पंचायतों में इस मामले में महिलाओं को जागरूक किया।

आए दिन विभिन्न कार्यक्रमों में गरीब ज़रूरतमंद महिलाओं को खुद डॉक्टर एकता धारीवाल ने उनकी अपनी संस्था की तरफ से महिलाओं को मुफ्त सेनेटरी पैड बँटवाये, उन्हें डॉक्टर डॉ. एकता धारीवाल कोटा में पिछले कई सालों से इस सेनेटरी पेड़ मुफ्त वितरण मिशन से घर घर ज़रूरतमंद महिलाओं से जुड़ी है। वे अब तक लाखों सेनेटरी पैड बाँट चुकी है और इस दिशा में निरंतर जागरुकता कार्यक्रम चला रही है।

चिकित्सा विभाग के आंकड़े देखो गर्भावस्था में अन्य समय में महिलाओं को इसके पहले जब जागरुकता नहीं थी उन्हें सेनेटरी पैड उन्हें में उपलब्ध नहीं थे तो वोह कई गुप्त रोग गंभीर बिमारियों से ग्रसित होती रही है। कई महिलाओं को तो इंफेक्शन के बाद अपनी जान से भी हाथ धोना पढ़ा है।

ऐसे में डॉक्टर एकता धारीवाल की अक्षम कल्याण सेवा संस्थान की टीम ने महिलाओं के इस दर्द को जाना और बिना किसी जाति-धर्म पक्षपात सियासी पार्टियों के भेदभाव के हर गरीब ज़रूरतमंद महिलाओं को चाहे वोह कामकाजी है, चाहे कच्ची मज़दूर बस्ती में निवासित है इस मामले में उसे मुफ्त सेनेटरी पैड पहुंचाए। ऐसे दुखद समय में सावधानियों के बारे में साक्षर कराया और यही वजह है कि आज कोटा में महिलाओं में ऐसी परस्थितियों में लापरवाही के कारण उपजी इंफेक्शन की बीमारियां नगण्य सी हो गयी है। इंफेक्शन से मौतों का आँकड़ा ज़ीरो हो गया है। ऐसी समसजेविका डॉक्टर एकता धारीवाल को कतिपय राजनीतिक नेता इसलिए बदनाम कर रहे हैं कि वो ये काम बगैर किसी राजनीतिक उद्देश्य के कर रही है।

(लेखक स्वतंत्र पत्रकार हैं व कोटा में रहते हैं)

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