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युवाओं के ज्ञान और कौशल से होगा भारत का नवनिर्माणः बिरला

कोटा। लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि युवाओं के ज्ञान और कौशल का उपयोग करके ही भारत का नवनिर्माण संभव है। हमारा युवा सामथ्र्यवान और क्षमताओं से परिपूर्ण है। हमारा लक्ष्य है कि उनके आत्मविश्वास को दिशा देकर उन्हें नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाएं। वे शुक्रवार को केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के स्किल इंडिया मिशन की ओर से आयोजित कौशल महोत्सवः रोजगार एवं अप्रेंटिसशिप मेले का शुभारंभ कर रहे थे।

दशहरा मैदान में हुए इस भव्य आयोजन को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि कोरोना ने सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों को प्रभावित किया। लेकिन अब तेजी से सुधरती परिस्थितियों का हमें अधिक से अधिक लाभ उठाने की आवश्यकता है। यह कार्य युवाओं की सहभागिता के बिना नहीं हो सकता। इसी कारण भारत सरकार युवाओं के कौशल और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।

लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि आज पूरी दुनियां भारत की ओर बड़ी आशा भरी नजरों से देख रही है। इसका कारण हैं हमारे युवा, जो सम्पूर्ण विश्व में नेतृत्वकर्ता की भूमिका में हैं। हमारी अभिलाषा है कि युवा बड़े सपने देखें और उनको पूरा करने के लिए जुनून और प्रतिबद्धता के साथ प्रयास करें। हमारी कोशिश होगी कि युवाओं वे सभी अवसर मिलें जिनसे वे अपने सपनों को पूरा कर सकें। हम चाहते हैं कि देश के सभी युवा स्किल्ड होकर नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनें। हम चाहते हैं कि आज जो युवा रोजगार मांगने आए हैं वे आगे जाकर रोजगार मेलों का आयोजन करें।

उन्होंने युवाओं का आव्हान किया कि न वे कभी निराश हों और न ही कभी हार माने। नौजवान वह होता है जो अपने आत्मविश्वास से विपरीत परिस्थितियों को भी अपने पक्ष में कर लेता है। हमारे युवाओं की बौद्धिक और तकनीकी क्षमता इतनी अधिक है कि वे असंभव को भी संभव कर सकते हैं। मुझे उनके सामथ्र्य पर पूरा भरोसा है।

*अब लगाएंगे स्टार्टअप-यूनिकाॅर्न मेला*
स्पीकर बिरला ने कहा कि स्टार्टअप और यूनिकाॅर्न देश में नई सोच, नई तकनीक और नए विचार देने का काम कर रहे हैं। अब हमारी कोशिश होगी कि देश के प्रमुख स्टार्टअप्स और यूनिकाॅर्न को कोटा लाएं ताकि युवाओं को उनसे प्रत्यक्ष रूबरू होने का मौका मिले। सफल स्टार्टअप्स से प्रेरणा लेकर युवा अपने लिए भी दिशा तय करें। उनको आगे बढ़ने के लिए जिस भी सहयोग की आवश्यकता होगी, वह भी हम मुहैया करवाएंगे। इन स्टार्टअप्स और यूनिकाॅर्न को हम उद्यमियों से भी मिलवाएंगे ताकि नई तकनीकों के माध्यम से वे अपने काम में भी सुधार ला सकें।

*सोच का दायरा बढ़ाएं उद्यमी*
लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने स्थानीय उद्यमियों और अपनी सोच का दायरा और विस्तृत करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि उद्यमी स्वयं को पत्थर उद्योग तक सीमित रखे हुए हैं, जबकि दुनिया बहुत तेजी से बदल रही है। स्थानीय व्यापारियों को स्वयं में आज की आवश्यकताओं के अनुरूप बदलाव लाते हुए अन्य उद्योगों की ओर भी रूख करना चाहिए। इन नए उद्योगों में काम करने के लिए हमारे पास युवा वर्कफोर्स है।

स्पीकर बिरला ने कहा कि शैक्षणिक नगरी कोटा आज हर क्षेत्र में अग्रणी है। यहां उद्योग व्यापार और पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं। पानी, बिजली और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में भी कोटा समृद्ध है। हम चाहते हैं कियुवा अब इस कोटा को स्टार्टअप नगरी बनाएं। इसके लिए हम उन्हें वे सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाएंगे जो नए स्टार्टअप तैयार करने के लिए आवश्यक हैं।

स्पीकर बिरला ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों और लघु उद्यमियों को भी सशक्त बनाने की हमारी कार्ययोजना है। इसके लिए कोटा में जल्द हुनर हाट का आयोजन भी किया जाएगा। हुनर हाट के माध्यम से हम कोटा सहित सम्पूर्ण हाडोती की कला और संस्कृति को प्लेटफार्म देकर उनको नया बाजार उपल्ध करवाने का प्रयास करेंगे।

स्पीकर बिरला ने संभव है कि यहां आए सभी युवाओं को रोजगार नहीं मिले, लेकिन हम उनको आत्मनिर्भर बनाकर रहेंगे। इसके लिए हमने मंत्रालय के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे सभी बच्चों को ट्रेक करेंगे। हम चाहते हैं कि या तो उन्हें रोजगार से जोड़ा जाए या उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से मजबूत किया जाए।

कार्यक्रम को कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव ए.के तिवारी, जिला कलक्टर हरिमोहन मीना ने भी संबोधित किया।

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