Tuesday, April 23, 2024
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नए भारत के शुभारंभ की तिथि है 22 जनवरी – योगी आदित्यनाथ

सदियों से उपेक्षति अयोध्या धाम फिर से सप्तपुरियों की प्रथम पुरी के रूप में चमकेगा

जैसे-जैसे रामनगरी में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का दिन नजदीक आ रहा है, वैसे वैसे पूरी दुनिया में जयश्री राम का डंका बजने लगा है। पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण हर जगह वातावरण राममय हो गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भावुक लहजे में कहते है कि सदियों से उपेक्षा का दंश झेलने वाला अयोध्या धाम अब फिर से सप्तपुरियों की प्रथम पुरी के रूप में दुनियाभर को आकर्षित करने लगा है।

योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से बातचीत में दौरान कहा कि अयोध्या सप्तपुरियों में प्रथम पुरी है। जब हम सप्तपुरियों की बात करते हैं, तो अयोध्या, मथुरा, माया, काशी, कांची, अवंतिका, द्वारकाधाम…जो सात पुरियां हैं, उनमें अयोध्या पहली पुरी है। यह प्राचीनतम नगरों में से एक है। हजारों वर्षों के एक समृद्ध विरासत की पवित्र सनातन धर्मावलंबियों का धाम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या के लिए वह सब कुछ होगा, जो सनातन हिंदू धर्मावलंबियों की भावनाएं होंगी। उनकी आस्था के अनुरूप अयोध्या को बनाने के लिए कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। यह हमारा सौभाग्य है कि यहां हर ओर से फोरलेन कनेक्टिविटी दी है। रेलवे को डबल लाइन से जोड़ा गया है। इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। अयोध्या को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की बड़ी कार्ययोजना को हम बहुत शीघ्र कार्यान्वित करने जा रहे हैं। यात्री सुविधाओं का विकास हो रहा है। अयोध्या के कुछ घाट नया रूप ले चुके हैं, कुछ लेने जा रहे हैं। अयोध्या से जुड़े पौराणिक और ऐतिहासिक सभी स्थलों का सुंदरीकरण हो रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब अयोध्या के लिए वह सब कुछ होगा, जो सनातन हिंदू धर्मावलंबियों की भावनाएं होंगी… हम सबको हिंदुओं की भावनाओं का आदर करना चाहिए… यह अवसर भारतीय जनता पार्टी से पहले कांग्रेस को भी मिला था, पर कांग्रेस उसका सम्मान नहीं कर सकी।

योगी ने कहा कि यह हमारे लिए भावनात्मक क्षण है। पीढ़ियों के संघर्ष को स्मरण करते हुए उनके संकल्पों की पूर्ति होने की संतुष्टि का क्षण है। शांतिपूर्ण तरीके से समस्या का समाधान होने के कारण अंत:करण को संतुष्टि भी प्रदान करता है। आम जनमानस की आस्था का सम्मान होने के कारण भावविह्वल करने वाला है।

उन्होंने कहा कि एक नए युग और नए भारत के शुभारंभ की तिथि है 22 जनवरी, 2024। पीएम नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व में विश्व मानवता के लिए नए संदेश की तिथि भी है। हमें बेसब्री के साथ इसका इंतजार है। हम पूरे मनोयोग से इसकी तैयारी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, “रामजन्मभूमि आंदोलन के कारण ही मैं पूज्य महंत अवेद्यनाथ महाराज का दर्शन लाभ प्राप्त किया और गोरक्षपीठ से जुड़ पाया। मैं तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का सामान्य स्वयंसेवक था। आंदोलन के कारण उनसे मिल भी पाया क्योंकि वह मुक्ति आंदोलन समिति के अध्यक्ष थे। अशोक सिंघलजी से वैचारिक-परिवार के कारण मुलाकात हो पाई। परमहंस महाराज, वामदेवजी महाराज जैसे संतों से मुलाकात हो पाई। अब मेरा संपूर्ण जीवन रामजन्मभूमि को समर्पित है।”

योगी ने कहा, “अयोध्या को दुनिया की भव्यतम विरासत नगरी बनाना चाहते हैं। परंपराओं के साथ आधुनिकता का समावेश होगा। स्वावलंबी नगर के रूप में विकसित करेंगे। इसके साथ, घाटों का सुंदरीकरण कर रहे हैं। युद्धस्तर पर काम हो रहा है। सभी बुनियादी सुविधाएं दी जा रही हैं। पुराने मंदिर मठ घाट के सुंदरीकरण के काम हो रहे हैं। कुछ के हो चुके हैं। गुप्तार घाट, भरतकुंड से सूरजकुंड तक, हम नए तरीकों से काम कर रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि इनलैंड वाटर अथॉरिटी का गठन कर चुके हैं। इस पर भी युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं। अयोध्या की अवस्थापना सुविधाओं, यात्रियों और श्रद्धालुओं की सहूलियतों के लिए बहुत कुछ करने के लिए कार्ययोजना को आगे बढ़ाया है। सब धर्म-पंथ संप्रदाय से जुड़े अनुयायियों के लिए धर्मशाला और उनके साथ आने वाले श्रद्वालुओं के लिए कुछ निर्माण कार्य कर सकें, इसके लिए भूमि आवंटन की प्रकिया पूर्ण हो चुकी है। इसके अलावा विभिन्न राज्य अपने अतिथि गृह बनाने आगे आ रहे हैं। कई देशों ने भी अपने गेस्ट हाउस बनाने के लिए प्रस्ताव दिया है। यहां आधुनिकतम टाउनशिप बनाई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मठ मंदिरों से जुड़ी धर्मशालाओं में डॉरमेट्रीज बन रही हैं। श्रद्धालुओं के लिए शबरी माता के नाम पर भोजनालय बन रहे हैं। यात्री विश्रामालय निषादराज के नाम पर बन रहा है। माता अरुंधति के नाम पर भी डॉरमेट्रीज बनाई गई हैं।हर रामायणकालीन ऋषि मुनि, प्रभु श्रीराम से जुड़े उनके मित्र थे, सहयोगी थे…उन सबकी स्मृति को भी संजोने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अयोध्या के लिए एक सिस्टम तैयार कर रही हैं ता कि देश-प्रदेश के लोग व्यवस्थित रूप से प्रभु राम का दर्शन कर सकें। स्थानीय स्तर पर कार्य-योजना बनाई जा रही है। बिना बताए अनावश्यक भीड़ आएगी, तो अव्यवस्था फैलेगी। इसलिए व्यवस्था बनाई जा रही है कि हर व्यक्ति दर्शन भी कर सके और अव्यवस्था भी न फैले।

योगी ने कहा कि मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, बलदेव इन सभी तीर्थों के विकास के लिए भी व्यवस्थित तरीके से कार्ययोजना बनाकर आगे बढ़ रहे हैं। वृंदावन, गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के सुंदरीकरण के लिए यात्री सुविधाओं और तीर्थ के रूप में उसको विकसित करने के लिए ब्रज तीर्थ विकास परिषद का गठन पहले से ही कर दिया गया है। काम युद्धस्तर पर आगे बढ़ चुका है। चित्रकूट के व्यवस्थित विकास के लिए भी सरकार काम कर रही है। नैमिष के लिए, शुकतीर्थ के लिए और भी ऐसे अन्य पवित्र धाम और तीर्थों के लिए जहां आम जनता की आस्था का सम्मान हो सके, उसके लिए सरकार काम कर रही है।

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