Thursday, February 22, 2024
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पर्यटनविद डॉ प्रभात सिंघल के लेखन व संपादन में प्रकाशित 45 पुस्तकों की प्रदर्शनी

कोटा। भारतीय भाषा उत्सव की श्रृंखला में आयोजित पुस्तक प्रदर्शनियों के क्रम में सेवानिवृत संयुक्त निदेशक जन संपर्क राजस्थान जयपुर डॉ प्रभात सिंघल के लेखकत्व में प्रकाशित 29 पुस्तकें एवं उनके संपादन में प्रकाशित 14 पुस्तकों समेत 45 लेखक के स्वय के हस्ताक्षरयुक्त पुस्तकों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसका उदघाटन मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार जितेंद्र निर्मोही, अध्यक्षता वरिष्ठ कथाकार एवं समीक्षक विजय जोशी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ प्रभात सिंघल ने किया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि जितेंद्र निर्मोही वरिष्ठ साहित्यकार ने सृजन और संवाद पर कहा कि हमें पढ़ते हुए रचनात्मक संवाद कराते रहना चाहिए। अध्यक्षता कर रहे विजय जोशी ने कहा कि पुस्तकालय में जो खामोशी होती है वही आपके स्व से संवाद का अवसर देता है। इस अवसर का सदुपयोग कर विचार उद्देश्य और पुस्तक संदर्भ के मधी सामंजस्य बैठाए। डॉ प्रभात ने कहा कि लेखन अतीत को समर्द्ध एवं भावी पीढ़ी को मार्गदर्शन मार्गदर्शन प्रदान करने में सहायक है। संभागीय पुस्तकलयाध्यक्ष डॉ दीपक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि लेखन का मानव मस्तिक का श्रेष्ठतम व्यायाम है तथा मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखता है, अवसाद मुक्त रखता है।

इस संग्रह में 2003 में प्रकाशित “कोटा एक विहंगम दृष्टि”, 2004 में प्रकाशित हाड़ौती – करोली दिग्दर्शन, जय चंबल – नव साक्षरों के लिए, लोक देवता तेजा जी – नव साक्षरों के लिए, हाड़ौती के मंदिर – नव साक्षरों के लिए, 1996 में प्रकाशित “राजस्थान में पुलिस प्रशासन (शोध ग्रंथ) अगस्त” 2018 में प्रकाशित “आराध्य तीर्थ,” “राजस्थान के आस्था स्थल (धार्मिक पर्यटन),” “ऐसा देश है मेंरा – भारत भ्रमण, अतुल्य अजमेर” – विश्व स्तरीय पहचान, 2019 में प्रकाशित “कोटा एक विहंगम दृष्टि” (द्वितीय संस्करण), “चंबल तेरी यही कहानी” (भारत में चंबल नदी पर प्रथम किताब), 2020 में प्रकाशित “मीडिया संसार” (पत्रकारिता और जन संचार), “ये है हमारी रंग बिरंगी बूंदी,” अद्भुत राजस्थान, “भारत की विश्व विरासत” – यूनेस्को की सूची में शामिल, “हमारा भारत, हमारी शान”, 2021 में प्रकाशित “उदयपुर राजस्थान का कश्मीर” (अंग्रेजी), “भारत में समुद्र तटीय पर्यटन”, “विश्व रेगिस्तान का इंद्रधनुष पर्यटन और संग्रहालय”, “पर्वतीय पर्यटन” (विशेष संदर्भ अरावली), “रोमांचक साहसिक पर्यटन” (एडवेंचर स्पोर्ट्स), “मंदिर संस्कृति” (धार्मिक पर्यटन), 2022 में प्रकाशित “वर्ल्ड हेरीटेज – ग्लोबल टुt लोकल”, “भारतीय पर्यटन में इस्लामिक आर्किटेक्चर”, “पर्यटन को सुगम बनाती भारतीय रेल,” “भारतीय स्थापत्य की अमूल्य निधि जैन मंदिर”, “कोटा संग्रहालय” (प्रक्रियाधीन), “भारत के उत्सव और अल्बेले मेले”, “नई बात निकल कर आती है” इत्यादि शामिल है।

संपादित पुस्तकों में स्माइल एंड वर्क कार्टून बुक, प्रगति की मुस्कानबदलती तस्वीर, आशा की किरण (निराश, तनाव ग्रस्त युवाओं के लिए), स्वातंत्राय स्वर्ण जयंती का, राजस्थान में पंचायती राज और ग्रामीण विकास, आगे बढ़ता राजस्थान (विशेष सन्दर्भ उद्योग, व्यापार, वाणिज्य), श्रीगंगानगर संदर्शिका, अजमेर संभाग संदर्शिका, उद्यानिकी (फूल-फल, सब्जी, मसाला और औषधीय खेती को बढ़ावा), राजस्थान और आज का कोटा, मीडिया… जनसंचार माध्यम, मेंटल हेल्थ, कर्मयोगी, 29 राजस्थान हाड़ोती की पुरासम्पदा शामिल है।

कार्यक्रम प्रभारी शशि जैन ने कहा कि –इस तरह की आयोजन से ह्यूमन लाईब्रेरी संकल्पना को विस्तार देते है जहा पाठक ने केवल पुस्तके पढ़ सकते है अपितु उस लेखक से सीधा संवाद भी कर सकते हैं।

 

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