Tuesday, April 16, 2024
spot_img
Homeपाठक मंचसुरक्षा में चूक

सुरक्षा में चूक

हाल ही में संसद की सुरक्षा में जो चूक हई, उससे कई प्रश्न खडे होते हैं। अगर यह चूक कांग्रेस-शासन के दौरान हुयी होती तो क्या तब बीजेपी भी इसी तरह का विरोध-प्रदर्शन, हंगामा,नोक-झोंक आदि संसद में करती और संसद के दोनों सदनों को चलने न देती? या फिर वह चुप रहती और सुरक्षा-नियमों को और अधिक चुस्त-दुरस्त करने या चूक से जुड़े मुद्दों पर सत्ता-पक्ष के साथ मिलबैठ कर कोई रास्ता निकाने की पहल करती?

यह बड़ी राहत की बात है कि बुधवार, 13 दिसंबर, 2023 को संसद सुरक्षा में हुई चूक से किसी को नुकसान नहीं हुआ। संयोग है कि यह चूक उसी दिन हुई जिस दिन 2001 में संसद पर घातक और आतंकी हमला हुआ था।

बीते बुधवार को संसद की दर्शक-दीर्घा से कूदकर दो व्यक्तियों ने लोकसभा सदन में धुआं छोड़कर अफरातफरी मचा दी। इक्कीस साल पहले भी, 13 दिसंबर 2001 को बड़े पैमाने पर सुरक्षा में चूक हुई थी। तब हथियारबंद आतंकवादियों ने संसद परिसर में घुसकर अंधाधुंध गोलीबारी की थी, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के अधिकारियों और लोकसभा के निहत्थे वॉच एंड वार्ड कर्मचारियों सहित कई लोगों की मौत हो गई थी।

इस बार सुरक्षा में चूक को लेकर पक्ष और विपक्ष में कुछ ज्यादा ही कहा-सुनी और गतिरोध उभर कर आ रहा है। दरअसल, पक्ष और विपक्ष का मोटे तौर पर मतलब ही है एक दूसरे से असहमत होना, मौका मिलते ही एक-दूसरे की गलतियों पर बवाल खड़ा करना या फिर किसी बहुचर्चित मुद्दे को उछालकर सत्ता-पक्ष को आड़े हाथों लेना आदि । कितना अच्छा होता अगर विपक्ष इतना सारा शोरशराबा न कर सुरक्षा में हुयी चूक को अचूक बनाने के लिए सरकार को कुछ स्कारात्मक सुझाव देता जिससे संसद का बहुमूल्य समय नष्ट होने से बच जाता।संसद का समय नष्ट होता है तो उसके व्यय का बोझ जनता पर ही तो पड़ता है।

image_print

एक निवेदन

ये साईट भारतीय जीवन मूल्यों और संस्कृति को समर्पित है। हिंदी के विद्वान लेखक अपने शोधपूर्ण लेखों से इसे समृध्द करते हैं। जिन विषयों पर देश का मैन लाईन मीडिया मौन रहता है, हम उन मुद्दों को देश के सामने लाते हैं। इस साईट के संचालन में हमारा कोई आर्थिक व कारोबारी आधार नहीं है। ये साईट भारतीयता की सोच रखने वाले स्नेही जनों के सहयोग से चल रही है। यदि आप अपनी ओर से कोई सहयोग देना चाहें तो आपका स्वागत है। आपका छोटा सा सहयोग भी हमें इस साईट को और समृध्द करने और भारतीय जीवन मूल्यों को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए प्रेरित करेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

लोकप्रिय

उपभोक्ता मंच

- Advertisment -spot_img

वार त्यौहार