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वन महोत्सव में घर-घर औषधि योजना के तहत किए पौधे वितरित

झालावाड़। झालावाड़ में 72वां जिला स्तरीय वन महोत्सव रविवार को महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति की जिला संयोजिका मीनाक्षी चन्द्रावत के मुख्य आतिथ्य में पुलिस टेªनिंग स्कूल झालरापाटन में जिला पर्यावरण समिति झालावाड़ के तत्वावधान में आयोजित किया गया।

वन महोत्सव के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति की जिला संयोजिका मीनाक्षी चन्द्रावत ने कहा कि हम प्रकृति से प्रेम करें। अधिक से अधिक पौधे लगाएंगे तो वातावरण में हरियाली आएगी और हमारा जीवन खुशहाल होगा। उन्होंने कहा कि पेड़ों की महत्ता व्यक्ति के जन्म से लेकर उसकी मृत्यु तक है। उन्होंने कहा कि ऋषि मुनियों द्वारा अर्जित और संरक्षित जड़ी-बुटियों के ज्ञान का वास्तविक महत्व हमें कोरोना काल के दौरान पता चला है। प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने इस औषधीय ज्ञान को घर-घर पहुंचाने के लिए 1 अगस्त रविवार को घर-घर औषधि योजना का शुभारम्भ किया है। जिसके तहत तुलसी, अश्वगंधा, कालमेघ, गिलोय प्रजातियों के दो-दो पौधे प्रत्येक परिवार को देने का लक्ष्य है। जिनके उपयोग से निश्चित तौर पर आम नागरिक की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढे़गी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अतिरिक्त जिला कलक्टर दाताराम ने कहा कि पेड़ ही एकमात्र जीव है जो अपना भोजन स्वयं बनाते हैं शेष जीव उन पर आश्रित परजीवी हैं। पेड़-पौधे प्राणवायु ऑक्सीजन छोड़ते हैं जिसे अन्य जीव ग्रहण करते हैं। कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की महत्ता का हमें ज्ञान हुआ। इसके लिए हमें अधिक से अधिक फलदार, छायादार एवं औषधीय पौधे लगाने चाहिए।

अति विशिष्ट अतिथि जिला प्रमुख प्रेम बाई दांगी ने अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनका बच्चों की तरह लालन पालन करने की बात कही। वहीं विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक झालावाड़ डॉ. किरन कंग सिद्धू ने कहा कि राज्य सरकार ने घर-घर औषधि योजना के अन्तर्गत औषधीय पौधे वितरण करने की अनूठी पहल की है निश्चित तौर पर इनके सेवन से आम नागरिक की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढे़गी।

विशिष्ट अतिथि जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीनिधि बी.टी. ने कहा कि घर-घर औषधि योजना के अन्तर्गत घर-घर औषधीय पौधे पहुंचाने में पंचायती राज वन विभाग का पूर्ण सहयोग करेगा।

महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति के सह संयोजक आमिर खान ने कहा कि राजस्थान सरकार की महत्वपूर्ण फ्लैगशीप योजना घर-घर औषधि योजना को हम घर-घर तक पहुंचाकर आमजन को स्वस्थ बनाएं।

उप वन संरक्षक संग्राम सिंह कटियार ने कहा कि 1950 से वन महोत्सव प्रति वर्ष मनाया जा रहा है। इसमें ऑक्सीजन प्रदाता पौधे मानसून के दौरान लगाए जाते हैं। इस वर्ष वन महोत्सव की थीम ‘घर-घर औषधि’ है। उन्हांेने बताया कि जिले में वर्ष 2021-22 के लिए 1.41 लाख परिवारों को 11.28 लाख औषधीय पौधों का निःशुल्क वितरण किया जाएगा। इसके लिए वन विभाग द्वारा जिले की 16 नर्सरियों में पौधे तैयार किए जा चुके हैं। वहीं पुलिस टेªनिंग स्कूल के कमान्डेण्ट अर्जुन सिंह ने घर-घर औषधि योजना को आम आदमी के स्वास्थ्य हितकर बताया।

वन महोत्सव के दौरान अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं स्वयंसेवी संगठनों तथा पीटीएस के जवानों द्वारा करीब 300 पौधे लगाए गए। इस दौरान सहायक वन संरक्षक ओम प्रकाश जांगिड ने सभी अतिथियों, उपस्थित अधिकारियों, स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधियों आदि का वन महोत्सव में पधारने के लिए स्वागत एवं धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच संचालन व्याख्याता पूनम रौतेला ने किया।

इस दौरान पंचायत समिति झालरापाटन की प्रधान भावना झाला, उपखण्ड अधिकारी झालावाड़ मुहम्मद जुनैद, दिव्या गुर्जर सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं स्वयं सेवी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

वन महोत्सव के दौरान अतिथियों द्वारा घर-घर औषधि योजना के पोस्टर का विमोचन किया गया।

वन महोत्सव के दौरान अतिथियों द्वारा सरपंचों, सामाजिक संगठनों, जिला स्तरीय अधिकारियों एवं मीडियाकर्मियों को तुलसी, गिलोय, अश्वगंधा व कालमेघ औषधीय पौधों के किट वितरित किए गए।

कार्यक्रम के दौरान वृक्ष वर्धक पुरस्कार से हरिगढ के धनराज राठौर, ग्रीन फ्रेण्ड्स सोसायटी झालावाड एवं महेश कश्यप को, वन प्रहरी पुरस्कार से ग्राम्य वन सुरक्षा समिति नन्दपुर के अध्यक्ष मोहनलाल, ग्राम्य वन सुरक्षा एवं प्रबंध समिति बनेठ के अध्यक्ष फूलचन्द लोधा को, वन प्रसारक पुरस्कार से दैनिक भास्कर के संवाददाता मोहसिन खान व लालचन्द धोबी को तथा वनपालक पुरस्कार से वनपाल भरत राठौर, सहायक वनपाल राजेन्द्र कुमार मीणा, प्रहलाद मेघवाल, वनरक्षक रामस्वरूप गुर्जर, श्याम सुन्दर मेघवाल, रामेश्वर प्रसाद शर्मा को अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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