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सिद्धार्थ रॉय कपूर ने रिलीज़ हुई एनथोलॉजी ‘स्टोरीज़ ऑन द नेक्स्ट पेज’ की कुछ यूं की तारीफ़

06 मई को डिज़्नी+हॉटस्टार पर रिलीज़ हुई माइक्रो एनथोलॉजी फ़िल्म ‘द स्टोरीज़ ऑन द नेक्स्ट पेज’ की इन दिनों ख़ूब प्रशंसा हो रही है. इस फ़िल्म में आत्मीय रिश्तों के विभिन्न पहलुओं को बड़े ही संजीदा अंदाज़ मे पेश किया गया है. अभिषेक बैनर्जी, रेणुका शहाणे, नमित दास, राजेश्वरी सचदेव, दितिप्रिया रॉय, भूपेंद्र जाडावत, सैयस रज़ा और विभा आनंद जैसे कलाकारों के उम्दा अभिनय की भी काफ़ी सराहना हो रही है.

इस फ़िल्म का निर्माण प्रमोद फ़िल्म्स के प्रतीक चक्रवर्ती और डीप फ़िल्म्स के मैनक सेन ने साझा तौर पर किया है. प्रदीप सरकार के साथ विज्ञापन फ़िल्मों में बतौर सहायक काम कर चुकी बृंदा मित्रा ने इस एनथोलॉजी को निर्देशित किया है. उल्लेखनीय है कि बृंदा ने सिद्धार्थ रॉय कपूर के साथ भी काम किया हैं.

इस फ़िल्म को देखने के बाद सिद्धार्थ रॉय कपूर ने इसकी प्रशंसा करते हुए कहा, “बृंदा ने एक बेहद संजीदा और दिल की गहराइयों को छू लेनेवाली फ़िल्म बनाई है जिसमें स्वीकार्यता, किसी को माफ़ कर देने, खोया हुआ आत्मसम्मान वापस पाने और ज़िंदगी में आगे बढ़ जाने जैसे भावों को बड़े ही दिलचस्प तरीके से पेश किया गया है. मुझे पूरा यकीन है कि एक स्टोरीटेलर के तौर पर बृंदा अपने करियर को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगी.”

1999 में अपने पिता संदीप सेन द्वारा स्थापित प्रोडक्शन हाउस डीप फ़िल्म्स को इस एनथोलॉजी के‌ निर्माण के ज़रिए फिर से स्थापित करनेवाले मैनक सेन कहते हैं, “इंडस्ट्री के श्रेष्ठ लोगों द्वारा मिल रही वाहवाही से हम बेहद ख़ुश हैं और हमारे लिये यह बहुत बड़ी बात है. सिद्धार्थ रॉय कपूर की ओर से मिली प्रशंसा मेरे दिल के बहुत करीब है जिससे इस फ़िल्म को प्रोड्यूस करने के फ़ैसले को बल मिलता है. मुझे ख़ुशी है उन्हें यह फ़िल्म बहुत पसंद आई. उनकी तारीफ़ भरी बातों ने बढ़िया और अलग तरह के कंटेट के प्रति हमारे भरोसे और बढ़ा दिया है.”

मैनक सेन आगे कहते हैं, “हमारी फ़िल्म को जितना अच्छा प्रतिसाद मिला है, वो हमारी बेहतरीन कास्ट और क्रू के बग़ैर संभव ही नहीं था. हरेक कलाकर ने अपने परफॉर्मेंस से अपने-अपने किरदार को एक नई ऊंचाई प्रदान करने की कोशिश की है. एक बेहद छोटा क्रू होने के बावजूद सभी ने दिलो-जान से काम किया और फ़िल्म को एक बेहतरीन फ़िल्म बनाने में अपना पूरा योगदान दिया. बृंदा के नेतृत्व और समझदारी से लिये गये फ़ैसलों के चलते हमने फ़िल्म को ठीक वैसा बनाने में कामयाबी हासिल की, जैसा कि हमने सोचा था. रचनात्मक ढंग से कहानी कहना और ज़मीन से जुड़ी कहानियों को वास्तविक रूप में पेश कर पाना हमारी सबसे बड़ी जीत है.”

इस फ़िल्म की सह-लेखिका और सेंजुती महतो के साथ फ़िल्म का सह-निर्देशन करनेवाली बृंदा कहती हैं, “मैं शुक्रगुज़ार हूं कि मुखे सिड के साथ काम करने का मौका मिला. कंटेट के प्रति उनका नज़रिया, विचारों में साफ़गोई और चीज़ों से संबंधित उनके ज्ञान की तुलना नहीं की जा सकती है. सिड क्रू से ताल्लुक नहीं रखनेवाले ऐसे पहले शख़्स थे जिन्होंने यह फ़िल्म देखी थी और मुझे इस बात पर यकीन करने मे थोड़ा वक्त लगा कि उन्हें यह फ़िल्म इस क़दर पसंद आई है. इसके बाद मैं इस बात को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हो गयी थी कि मैं यह फ़िल्म अब पूरी दुनिया के सामने पेश कर सकती हूं.”

वे आगे कहती है, “प्रतीक, मैनक और मैंने मिलकर पहले यह निर्णय लिया था कि हम इस फ़िल्म‌ को बहुत ही छोटे स्तर पर बनाएंगे. लेकिन जैसे-जैसे हम आगे बढ़ते गये, यह प्रोजेक्ट दिन-ब-दिन बड़ा होता गया और स्टोरी के लिहाज़ से बड़े-बड़े कलाकार इससे जुड़ते चले गये. प्रोड्यूसर्स होने के नाते प्रतीक और मैनक ने पूरा सहयोग दिया. मेरे पूरे क्रू ने बड़ी मेहनत की और पूरी लगन के साथ इसे एक बेहतरीन फ़िल्म बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी. मेरे लिए यह किसी ड्रीम डेब्यू से कम नहीं है. पहली बार में ही इतने बढ़िया लोगो के साथ काम करने का मौका मिलना किसी सपने के पूरे हो जाने जैसा है. मुझे उम्मीद है कि फ़िल्म के प्रति हमारी सच्चाई और ईंमानदारी दर्शकों को भी नज़र आएगी और वे इसे भरपूर प्यार देंगे.”

प्रमोद फ़िल्म्स ने इस साल अपनी स्थापना के 60 साल पूरे कर लिये हैं. प्रमोद फ़िल्म्स के प्रमुख प्रतीक चक्रवर्ती ने फ़िल्ममेकर की तारीफ़ करते हुए कहा, “मैं बृंदा को एक बेहतरीन प्रमुख एडी के तौर पर‌ जानता हूं जो बहुत ही सक्षम हैं और अपने काम‌ को बहुत ही उम्दा तरीके अंजाम देती हैं. बाद में हमने एक प्रोजेक्ट के लिए साथ में काम भी किया था जिससे वे एक एसोसिएट डायरेक्टर के तौर पर जुड़ी थीं. उन्होंने मेरी कुछ अवॉर्ड विनिंग फ़िल्में देख रखी थीं, जो उन्हें काफ़ी पसंद आईं थीं. उससे संबंधित चर्चा के दौरान बृंदा ने एक एनथोलॉजी पर काम करने का ज़िक्र किया था जिसे उनके दोस्त मैनक प्रोड्यूस कर रहे थे. उन्होंने उसे को मुझे भी नरेट किया था. वो सभी कहानियां मेरे दिल को छू गयी थीं. ऐसे में मैंने फ़ौरन उनसे पूछा कि क्या मैं भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ सकता हूं? बाक़ी आप सभी के सामने है.”

प्रतीक चक्रवर्ती आगे कहते हैं, “जिस बड़े स्तर पर इस एनथोलॉजी को बनाया गया है और जितने बड़े स्तर पर इससे मंजे हुए कलाकार जुड़े हुए हैं, वो हमारी उम्मीदों से कहीं ज़्यादा था. हम सबको इस परियोजना से जुड़ने को लेकर बेहद गर्व है. हमें उम्मीद है कि दर्शक भी इसे ख़ूब पसंद करेंगे और रिलीज़ के बाद से जितने बड़े स्तर पर इसे प्यार दे रहे हैं, वो आगे भी जारी रखेंगे.”

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