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घोटाले के आरोपी बदहवास मनमोहन सिंह भाजपा नेताओं से रास्ता पूछ रहे हैं

क्या पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पहले से ही मालूम था कि वह कोयला घोटाला मामले में फंसने जा रहे हैं? खबर सामने आई है कि इसी साल जनवरी में कोलगेट केस में पूछताछ के बाद मनमोहन सिंह इतने घबरा गए थे कि उन्होंने बीजेपी के टॉप लीडर्स से संपर्क किया था । हमारे सहयोगी न्यूज चैनल टाइम्स नाउ के मुताबिक मनमोहन ने किसी तरह का आश्वासन हासिल करने के लिए बीजेपी के शीर्ष नेताओं से व्यक्तिगत स्तर पर संपर्क किया था।

टाइम्स नाउ के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी ने बताया कि बीजेपी के एक टॉप नेता ने उन्हें जानकारी दी है कि मनमोहन सिंह ने बीजेपी के नेताओं से संपर्क किया था । बीजेपी के इस टॉप नेता के मुताबिक मनमोहन ने तब संपर्क किया था, जब उनसे सीबीआई ने पूछताछ की थी। वह बहुत परेशान लग रहे थे और एक तरह से कोई आश्वासन चाहते थे। बीजेपी नेता के मुताबिक मनमोहन को इस बात की चिंता सता रही थी कि कहीं उन पर कोई आंच तो नहीं आएगी। बीजेपी नेता के मुताबिक उन्हें इस बात का भरोसा दिलाया गया था कि इस केस में बदले की भावना से कोई काम नहीं हो रहा है।

अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि मनमोहन सिंह ने खुद फोन करके बीजेपी नेताओं से संपर्क किया था या फिर किसी शख्स के माध्यम से। यह वाकया 20 जनवरी से लेकर 5 फरवरी के बीच का है।
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स्पेशल सीबीआई जज भारत पराशर ने 8 आरोपियों को 8 अप्रैल को पेश होने के लिए समन भेजा है। इन्हें आईपीसी की धाराओं 120बी (आपराधिक साजिश) और 409 (पब्लिक सर्वेंट, बैंकर, मर्चेंट या एजेंट द्वारा जनता का भरोसा तोड़ना) जैसी धाराओं और प्रिवेंशन ऑफ करपप्शन ऐक्ट के प्रावधानों के तहत आरोपी बनाया गया है। दोषी पाए जाने पर अधिकतम उम्रकैद तक हो सकती है।

साभार-टाईम्स ऑफ इंडिया से 

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