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मनोरंजन जगत
 

  • नवाँ जागरण फिल्म समारोह 18 शहरों में, 100 देशों की 200 फिल्मों का प्रदर्शन होगा

    नवाँ जागरण फिल्म समारोह 18 शहरों में, 100 देशों की 200 फिल्मों का प्रदर्शन होगा

    नई दिल्ली। सिनेमा की समझ विकसित करने वाली संस्कृति को आगे बढ़ाते हुए देश का सबसे बड़ा ट्रैवलिंग फिल्म फेस्टिवल, दि जागरण फिल्म फेस्टिवल (जेएफएफ) अपने नौवें साल में पहुंच चुका है। जेएफएफ सिर्फ सिनेमा से कहीं आगे है। सालों से, अपनी शैली, भाषाओं और भावनाओं के उदार मेल के साथ इसने पूरे भारत के दर्शकों का दिल जीत लिया है। सिनेमा की समझदारी वाला कल्च

  • टेलर स्विफ्ट का जादू जो लोगों के सर चढ़कर बोला

    टेलर स्विफ्ट का जादू जो लोगों के सर चढ़कर बोला

    करीब आठ बजे टेलर स्विफ्ट के बारे में मीडिया में जो कुछ भी अच्छा या बुरा कहा गया है उसकी क्लिपिंगस दिखाई गयी। इस क्लिपिंग में बार बार सांप दिखाए जा रहे थे क्योंकि उनके इस रेपुटेशन स्टेडियम टूर का थीम "सांप और दोस्त´ था। यहाँ पर साँप का मतलब है पीठ में छुरा घोपने वाले दोस्त। लोग टेलर के नाम के नारे लगाने लगे। इसी बीच टेलर "ready for it "गाते हु

  • प्रिया सेठः कैमरे के पीछे जद्दोजहद करता एक मासूम चेहरा

    प्रिया सेठः कैमरे के पीछे जद्दोजहद करता एक मासूम चेहरा

    इस साल इतिहास में पहली बार किसी महिला सिनेमाटोग्राफर रैचल मॉरीसन को नेट़िफ्लक्स की फिल्म ‘‘मडबाउंड’’ के लिए ऑस्कर पुरस्कारों की नामांकन सूची में शामिल किया गया। सिनेमाटोग्राफी का अर्थ है फिल्म के दृश्य और यह कि उन्हें कैमरे और लाइटिंग की मदद से कितनी खूबसूरती के साथ कैद किया गया है। ऑस्कर पुरस्कारों की फेहरिस्त में यही तकनीकी श्रेणी थी जिसमें अभी तक

  • गॉडफादर किसी को लोकप्रिय कलाकार नहीं बना सकता- गोविंद नामदेव

    गॉडफादर किसी को लोकप्रिय कलाकार नहीं बना सकता- गोविंद नामदेव

    आजमगढ़। मध्य प्रदेश के सागर में जन्मे दिल्ली में खुद को तराशा और फिर मुंबई पहुंचकर फिल्मों की दुनिया में एक अलग पहचान बनाने वाले प्रख्यात बॉलीवुड कलाकार गोविंद नामदेव गुरुवार को शहर के ठंडी सड़क स्थित एक होटल में पत्रकारों से रूबरू हुए।अपने रंगमंच से फिल्मों की यात्रा पर विस्तार से बातचीत की।वही युवा कलाकारों को भी संदेश दिया। बैंडिट क्वीन फिल्म के डायलॉग को उसी अंदाज सुनाया। सूत्रधार संस्थान द्वारा आयोजित 13 वे रंग महोत्सव आरंगम में गोविंद नामदेव भाग लेने आजमगढ़ आए हुए थे।

  • मिफ़्फ़ 2018 में श्याम बेनेगल को व्ही शांताराम लाइफटाइम अचिवमेंट सम्मान

    मिफ़्फ़ 2018 में श्याम बेनेगल को व्ही शांताराम लाइफटाइम अचिवमेंट सम्मान

    मुंबई। वृत्तचित्र, लघु और एनिमेशन फिल्मों को समर्पित मुंबई अंतर्राष्ट्रीय फिल्मोत्व, मिफ़्फ़ 2018 के प्रतिष्ठित व्ही शांताराम लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से वरिष्ठ निर्माता निर्देशक श्याम बेनेगल को सम्मानित किया जा रहा है. शनिवार को एनसीपीए में आयोजित मिफ़्फ़ 2018 के समापन समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री सी विद्यासागर राव ट्राफी, शॉल, प्रमाण-पत्र और दस […]

  • कमाल अमरोही ने ऐसे रचाई थी मीना कुमारी से शादी

    कमाल अमरोही ने ऐसे रचाई थी मीना कुमारी से शादी

    ये 1949 का साल था. करीब 30 साल के एक लेखक ने अशोक कुमार सहित 'बॉम्बे टॉकीज' के डायरेक्टरों को एक कहानी सुनाई.

  • नादिया हंटरवाली को याद किया गूगल ने

    नादिया हंटरवाली को याद किया गूगल ने

    गूगल ने ‘फीयरलेस नादिया’ को उनकी 110वीं जयंती पर डूडल बनाकर श्रद्धांजलि दी है। ऑस्‍ट्रेलियाई अभिनेत्री और स्‍टंटवुमन मैरी एन इवंस को उनके इसी नाम से दुनिया भर में जाता था। हिंदी फिल्‍म इंडस्‍ट्री में मौत को मात देने वाले स्‍टंट कर उन्‍होंने अपनी पहचान बनाई। 1930 और 40 के दशक में वह मुंबई सिनेमा के मशहूर चेहरों में से एक थीं। पांच साल की उम्र में भारत आई नादिया ने कई हुनर सीखे। उन्‍हें घुड़सवारी, शिकार, फिशिंग और शूटिंग में मजा आता था। 1935 में आई फिल्‍म ‘हंटरवाली’ ने उन्‍हें पूरे भारत में ख्‍याति दिलाई। इससे पहले नादिया ‘देश दीपक’ और ‘नूर-ए-यमन’ जैसी फिल्‍मों में काम कर चुकी थीं। नादिया अपने सभी स्‍टंट खुद किया करती थीं। चलती ट्रेन में फाइट हो, घुड़सवारी, झरनों से कूदना, सीढ़ियों व हवाई जहाज से लटकना या शेरों की बीच शूट करना उनके लिए बेहद आसान था।

  • हजारों चीनी सैनिकों से जूझने वाले जोगिंदर सिंह पर बन रही है फिल्म

    हजारों चीनी सैनिकों से जूझने वाले जोगिंदर सिंह पर बन रही है फिल्म

    पंजाबी अभिनेता गिपी ग्रेवाल की आने वाली फिल्म 'सूबेदार जोगिन्दर सिंह' होगी। यह देश की पहली ऐसी जीवनी हैं जो किसी परमवीर चक्र विजेता पर बनी है। इस फिल्म को पंजाबी के अलावा तीन भाषाओं हिंदी, तमिल और तेलगु में भी रिलीज किया जा रहा है. फिल्म में कई बड़े कलाकार हैं. गिपी आज के ज़माने के नए अदाकारों के साथ मुख्य भूमिका में नजर आएंगे. गिप्पी ग्रेवाल के अलावा गुग्गु गिल, कुलविंदर बिल्ला, अदिति शर्मा, राजवीर जवंदा, रोशन प्रिंस, करमजीत अनमोल, सरदार सोही भी फिल्म में हैं.

  • राजेश खन्ना को राजीव गांधी सियासत में लाए

    राजेश खन्ना को राजीव गांधी सियासत में लाए

    हिंदी सिनेमा के पहले सुपर स्टार राजेश खन्ना अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन अपने सशक्त अभिनय के ज़रिये उन्होंने कामयाबी की जो बुलंदियां हासिल कीं, वह हर किसी को नसीब नहीं हो पाती हैं। 29 दिसंबर, 1942 को पंजाब के अमृतसर में जन्मे राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना था। उन्हें बचपन से ही अभिनय का शौक़ था। फिल्मों में उनके आने का क़िस्सा बेहद रोचक है। युनाइटेड प्रोड्यूसर्स और फ़िल्मफ़ेयर के बैनर तले 1965 में नये अभिनेता की खोज के लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें दस हज़ार लड़कों में से आठ लड़के फ़ाइनल मुक़ाबले तक पहुंचे, जिनमें एक

  • डॉ. सुभाष चन्द्रा ने पूछा, फिल्मों की सफलता की वजह क्या होती है?

    डॉ. सुभाष चन्द्रा ने पूछा, फिल्मों की सफलता की वजह क्या होती है?

    हैदराबाद में GEC 2017 में सिनेमा पर सबसे बड़ी चर्चा में राज्यसभा सासंद डॉ सुभाष चंद्रा ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा से जुड़ी कई शख्सियतों से 'फ्यूचर ऑफ सिनेमा' पर चर्चा की. डॉ.चंद्रा ने कहा कि सिनेमा में तेजी से बदलाव हो रहा है.

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