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एक राष्ट्र एक राशन कार्ड की उपादेयता

भारत वर्ष में चलाई जा रही लोकोपयोगी योजना “एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना “उच्चतम लक्ष्य की प्राप्ति का लोकोपायोगी लोकतांत्रिक माध्यम है।यह लोकतंत्र में कल्याणकारी राज्य(गरीबी/निर्धनता बेरोजगारी, बुढ़ापा में सहयोग,भुखमरी से निजात,मानवीय गरिमा के साथ समझौता न करनेवाली बाध्यकारी आवश्यकताएं),इसमें बंचितो,बेसहारा और बंजारे लोगों को समर्थन और पोषण करती है।लोककल्याण कारी राज्य की उपादेयता “अधिकतम व्यक्तियों का अधिकतम कल्याण है”।यह अधिकतम व्यक्तियों के कल्याणार्थ और मानविकी सहयोग का सशक्त माध्यम एवम गरीबी ,बेरोजगारी,भुखमरी और दीनहीन अवस्था को मिटाने का उत्प्रेरक है।

भारत गणतंत्र में 6 करोड़ लोग /श्रमिक मौसमी रूप से रोजगार के लिए अन्य,निकटवर्ती राज्यों में प्रवास करते है,और 8 करोड़ लोग अपने ही राज्य में प्रवास करते है।इसी परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयं संघ के सरकार्यवाह आदरणीय दत्तात्रेय होसाबोले जी ने भारत वर्ष में बड़ते गरीबी/निर्धनता के बड़ते प्रतिशत की ओर संकेत किए है, अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) ने भी भारत में गरीबी/निर्धनता की वृद्धि को अपने प्रतिवेदन कर रहा है।kovid-१९ के पश्चात वास्तव में गरीबी,बेरोजगारी,प्रवासन और भुखमरी की समस्याएं आयी है।इस चुनौती पूर्ण वातावरण में “एक राष्ट्र और एक राशन कार्ड योजना” उपादेयता और प्रासंगिकता बड़ रही है।इस लोकोपयोगी कल्याणकारी योजना का दूरगामी उपादेयता है।योजना में व्यक्ति को किफायती दर पर किसी भी दुकान से अनाज/खाद्यान्न खरीदने की छूट मिल गई है,जो बेहतर गुणवत्ता और सर्वोत्तम सेवा प्रदान करता है।अधिक आबादी वाले देश में इसके उपादेयता के कारण व्यापार संस्कृति में गुणात्मक स्तर और मात्रात्मक स्तर पर उन्नन्यन होगा।

नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्यवर्धक और उच्च गुणवत्ता वाले सामान,अनाज और सेवाएं प्राप्त होगी,इस लोकोपयोगी योजना से क्षेत्रीय स्तर पर नौकरियों का सुअवसर प्राप्त होगा जिससे गरीबी/निर्धनता,अभाव का जीवन(लोकतंत्र अभिशाप),बेरोजगारी(चयन की आजादी का अभाव) कम होगा,जिससे समाज के निचले तबके में खुशहाली,सुख की साधना का संचरण होगा,उनके भौतिक,सामाजिक,आर्थिक दशा में गुणात्मक सुधार होगा।इस योजना के द्वारा मजदूर(श्रमिक) और परिवार दोनों को बहुत आसानी से सहायता मिल रहा है;क्योंकि राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत अधिक सब्सिडी(पौष्टिक आहार पूरक आहार) के खाद्यान्न के अलावा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (80 करोड़ लोगो को कवरेज किया है) के अंतर्गत मुफ्त अनाज प्रदान की जाती है।

इसके द्वारा समाज के निम्न वर्ग(शोषित वर्ग,दैनिक दिहाड़ी पर काम करनेवाले) को आत्मनिर्भर बनाने में सार्थक उपादेयता है।आबादी का एक बड़ा हिस्सा/भाग आत्मनिर्भर होगा तो राष्ट्र के “आत्मनिर्भर भारत” में सकारात्मक सहयोग प्राप्त होगा।वर्तमान में 100%राशन कार्ड डिजिटल है,जिससे एक राष्ट्र एक राशन कार्ड योजना की उपादेयता फलीभूत,गुणात्मक सहयोग,सक्षम भारत और उत्तम भारत में सहयोगी उपापदेई सिद्ध होगा।

(लेखक दिल्ली विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक हैं और राष्ट्रीय व सामाजिक विषयों पर शोधपूर्ण लेख लिखते हैां)

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