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कुत्तों के डर से ऐसी भागी कि 6 साल बाद घर लौटी

वडोदरा। सात साल की एक बच्ची दिन ढलने के बाद घर से बाहर निकलती है और आवारा कुत्ते उसे दौड़ा लेते हैं। बचने के लिए वह भागती है। भागते हुए घर से दूर चली जाती है और फिर 6 साल बाद अचानक से घर लौटती है। यह फिल्मी कहानी नहीं बल्कि हकीकत है। गुजरात के वडोदरा की इस घटना से हर कोई हैरान है।

दाहोद के धानपुर की निवासी लड़की वडोदरा के अतलादारा इलाके में अपनी मौसी के घर पर थी, जब 2014 की रात यह हादसा हुआ। उस वक्त बच्ची टॉइलट के लिए घर से बाहर गई थी कि तभी आवारा कुत्तों ने उसे दौड़ा लिया। अब 6 साल के अंतराल के बाद बच्ची वापस अपने परिजन से मिल गई है। उसकी उम्र 13 साल की हो गई है।

बच्ची के वापस लौटने की यह घटना 6 महीने पहले की है। हालांकि पुलिस को इस बात का पता अभी चला, जब गायब बच्चों के लिए चलाई जा रही स्पेशल ड्राइव के दौरान पैरंट्स से संपर्क किया गया। इस मामले में 2014 में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद से पुलिस को बच्ची की जानकारी को लेकर कुछ सुराग नहीं मिल पा रहा था।

इस हैरतअंगेज मामले में बच्ची के वापस मिलने की कहानी भी अनोखी है। पुलिस ने बताया कि जिस महिला के पास 3 साल से वह रही थी, उसने कुछ-कुछ बातों से अंदाजा लगाकर तलाश करते हुए फैमिली से मिलवा दिया। पुलिस ने बताया कि जानकारी मिलने पर बच्ची के परिजन गांधीनगर गए और वहां से उसे लेकर वापस दाहोद चले गए।

पुलिस के अनुसार घर से बिछड़ने के 3 सालों तक बच्ची कहां रही, इस बारे में उसे कुछ भी याद नहीं है। लेकिन उसके बाद वह दिहाड़ी मजदूरी करने वाली सरला नामक महिला से मिली। और फिर उसके साथ ही रहने लगी। सरला लगातार बच्ची से उसके घर-परिवार के बारे में पूछती लेकिन उसे कुछ याद ही नहीं था, जिससे वह कुछ बता पाए। धीरे-धीरे एक दिन सफलता हाथ लग गई और आज बच्ची अपने मां-बाप के पास है।

जेपी रोड पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर डी के वाघेला ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बच्ची की काउन्सलिंग की जा रही है। पहले वह कहां गई, 3 सालों तक कहां रही, इससके बारे में पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि राहत की बात यह है कि काउन्सलिंग के दौरान बच्ची के साथ किसी भी तरह की अप्रिय घटना की जानकारी नहीं मिली।

साभार- टाईम्स ऑफ इंडिया से

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