ताजा सामाचार

आप यहाँ है :

पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक द्वारा श्री आलोक कंसल ने जगजीवन राम अस्पताल में अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS) का उद्घाटन किया

मुंबई। पश्चिम रेलवे का जगजीवन राम अस्पताल (JRH) सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाऍं प्रदान करने और रोगियों की अत्यधिक देखभाल करने के लिए सुप्रसिद्ध है। इस अस्पताल की बेहतरीन गुणवत्ता का यह तथ्य कोविड-19 महामारी के समय में पुनः प्रमाणित हुआ, जब इसकी अग्रिम पंक्ति के कर्मयोद्धाओं ने COVID रोगियों के सफल इलाज के लिए दिन-रात काम किया। जेआरएच में एक छत के नीचे सभी मरीजों के इलाज के लिए नवीनतम चिकित्सा प्रक्रियाओं से पूरी तरह सुसज्जित एक मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। इसी क्रम में, हाल ही में पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री आलोक कंसल ने मुंबई सेंट्रल के जगजीवन राम अस्पताल में अस्पताल सूचना प्रबंधन प्रणाली (HMIS) का उद्घाटन किया, जिसे रेल-टेल और सी-डैक के संयुक्त तत्वावधान में क्रियान्वित किया गया है। इस अवसर पर पश्चिम रेलवे के प्रमुख मुख्य चिकित्सा निदेशक, अन्य प्रधान विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ डॉक्टरों के अलावा रेल-टेल के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS) के लागू होने से जगजीवन राम अस्पताल में ऑनलाइन पंजीकरण, टेली-परामर्श और दवाओं के वितरण को आसान बना दिया गया है। यह प्रणाली स्वास्थ्य गतिविधियों की परिचालन दक्षता बढ़ाने, मरीजों के स्वास्थ्य से सम्बंधित डेटा के निर्माण और उपयोग, इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड (ईएमआर) बनाने और विभिन्न रेलवे स्वास्थ्य सुविधाओं में डेटा साझा करने में अत्यधिक मददगार है। एचएमआईएस के माध्यम से, सभी रोगियों का रिकॉर्ड, डॉक्टरों के पर्चे एवं परामर्श और प्रयोगशाला रिपोर्ट भविष्य के संदर्भ के लिए उपलब्ध कराने का प्रावधान रखा गया है।

इस ऐप में सेल्फ रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी उपलब्ध है। भारतीय रेलवे के एक मिनीरत्न सार्वजनिक उपक्रम रेल-टेल को देश के 129 रेलवे अस्पतालों और 586 स्वास्थ्य इकाइयों में अखिल भारतीय अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली (HMIS) को लागू करने का काम सौंपा गया है, ताकि पूरे अस्पताल प्रबंधन को तेज़ और बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए एक ही आधुनिकतम पद्धति पर लाया जा सके। रेल-टेल ने एचएमआईएस के साथ एकीकृत करने के लिए ‘रेलवे एचएमआईएस’ ऐप भी विकसित किया है। यह ऐप रोगियों को सामान्य बीमारियों के इलाज में मदद करने के लिए टेलीकंसल्टेशन को सक्षम बनाता है। यह चिकित्सा लाभार्थियों को एक ही स्थान पर अपने सभी मेडिकल रिकॉर्ड तक पहुॅंचने में सक्षम बनाता है।

इस अवसर पर बोलते हुए महाप्रबंधक श्री कंसल ने कहा कि इस महामारी के समय में निर्बाध चिकित्सा सेवाऍं प्रदान करने के लिए डिजिटल स्वास्थ्य सेवा वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता है। HMIS समाधान द्वारा अस्पताल प्रशासन की पूरी व्यवस्था को लगभग 20 मॉड्यूल के साथ कवर किया गया है। क्लिनिकल, रोगी सेवाओं और सहायक मॉड्यूल जैसे ओपीडी, आईपीडी, लैब्स, फार्मेसी, रेफरल, मेडिकल परीक्षा, बीमार-फिट प्रमाणन, चिकित्सा दावों की प्रतिपूर्ति सहित विभिन्न माॅड्यूल रेलवे अस्पतालों के लिए काफी प्रासंगिक और लाभदायक हैं।

‘रेलवे एचएमआईएस’ ऐप के माध्यम से रोगी डिजिटल परामर्श भी प्राप्त कर सकेंगे, जो न केवल उन्हें कोविड-19 के जोखिम से बचायेगा, बल्कि अस्पतालों में फुटफॉल को भी कम करेगा। इस महत्वपूर्ण परियोजना के बारे में बात करते हुए, रेल-टेल के सीएमडी ने कहा कि एचएमआईएस परियोजना का कार्यान्वयन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि कोविड-19 महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवा प्रणाली का समुचित सदुपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने बताया कि पूरे भारत में 156 अस्पतालों / स्वास्थ्य देखभाल इकाइयों में इसके क्रियान्वयन का काम पूरा हो गया है। यह प्रणाली स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के नेशनल डिजिटल हैल्थ मिशन कार्यक्रम के साथ पूरी तरह से एकीकृत है। HMIS को भारतीय रेलवे की विभिन्न अन्य डिजिटल पहलों जैसे यूनिक मेडिकल आईडी (UMID), IPASS और ARPAN आदि के साथ सिंक्रोनाइज किया गया है और आवश्यकता के अनुसार इस तरह के एकीकरण को आगे बढ़ाया जा सकता है। स्वास्थ्य डेटा का डिजिटलीकरण जो रेलवे स्वास्थ्य सेवा लाभार्थियों की विशिष्ट चिकित्सा आईडी (यूएमआईडी) के माध्यम से सुलभ है, स्वास्थ्य सेवाओं को परेशानी मुक्त और पारदर्शी बनाने जा रहा है। रोगी एचएमआईएस ऐप के माध्यम से क्यूआर कोड को स्कैन करके ओपीडी अपॉइंटमेंट ले सकते हैं। इससे लगभग 10 मिलियन रेलवे स्वास्थ्य लाभार्थियों को मिलने वाली रोगी देखभाल सेवाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।

image_pdfimage_print


Leave a Reply
 

Your email address will not be published. Required fields are marked (*)

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

सम्बंधित लेख
 

Back to Top