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मुंबई की समस्याएँ

कल मैने पढा भाजपा मुंबई मे तीसरे स्थान पर है। अगर भाजपा को मुंबई मे सत्ता पर काबिज होना है तो मुंबई की समस्याओ की जड को पकडना होगा। मुंबई की सभी समस्याओ की जड है नगरपालिका मे व्याप्त भ्रष्टाचार। मुंबई मे इस बदहाली के लिए सबसे ज्यादा जवाबदार भष्टाचार युक्त राजनीती रही है। भाजपा को मुंबई की सत्ता पर आना है तो भष्टाचार मुक्त राजनीती को अपने चुनाव का मुख्य मुद्दा बनाना होगा।

मुंबई की जनता एंव खास तौर से युवा, यहा पर फैले भष्टाचार से बहुत दुखी है। आज का युवा टेक्नोलॉजी की वजह से दुनियाभर मे हुए विकास से परिचित है। मुंबई की युवा पिठी भष्टाचार मुक्त विकास चाहती है। इसके लिए मुंबई भाजपा की नेतागीरी को मोदीजी की भ्रष्टाचार मुक्त राजनीती को मुंबई मे स्थापित करने का वादा मुंबई की जनता को करना होगा। मोदीजी की नितीयो को ईमानदारी से लागु करने की सोच ही भाजपा को मुंबई की सत्ता पर लायेगी। भष्टाचारी नेताओ को मुंबई के चुनाव से दुर रखना होगा। भष्टाचारी नेता भाडे की भीड़ तो इकठ्ठा कर सकते है मगर वोट नही दिला सकते।

भाजपा की छवि हमेशा एक साफ सुथरी पार्टी की रही है। उस छबी का हमे जतन करना होगा। कोग्रेस एंव अन्य पार्टीयो से भाजपा अलग है यह हमारी नेतागीरी को समझाना होगा। हमारा वोटर विचारधारा एंव पोलिटिकल चेतना से जुडा हुआ है। आदरणीय मोदीजी के प्रगतिशील विचारो से जुडा हुआ है। भष्टाचारी नेताओ की भाजपा को जरूरत नही है क्योंकि पैसे एंव शराब के बल पर भाजपा ने कभी भी चुनाव नही लडे है। मोदीजी के विचारधारा की लहर ही यह चुनाव जीताने के लिए काफी है।

चुनाव जीतने के लिए मुंबई भाजपा नेतागीरी को सिर्फ यह ध्यान रखना होगा कि साफ सुधरी इमेज वाले उम्मीदवारो को टिकट दिये जाये ताकी वो विजयी होकर मुंबई का सर्वांगीण विकास कर सके। भाजपा द्वारा मुंबई मे किया गया विकास पुरे देश मे उदाहरण बनकर सामने आये जिससे हम सबको अपने भाजपाई होने का गौरव महसूस हो सके।

मानक राठौड़
राजस्थानी प्रकोष्ठ, भाजपा मुंबई

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