Sunday, May 26, 2024
spot_img
Homeप्रेस विज्ञप्तिविस्थापित हिन्दुओं का सम्मान लौटाना समय की माँग : अमीर चंद

विस्थापित हिन्दुओं का सम्मान लौटाना समय की माँग : अमीर चंद

संस्कार भारती बिहार के तत्वाधान में सर्वेश तिवारी ‘श्रीमुख’ की पाकिस्तानी हिन्दुओं के उपर केन्द्रित उपन्यास पुण्यपथ पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर बोलते हुए संस्कार भारती के अखिल भारतीय महामंत्री अमीर चंद ने कहा कि पुण्यपथ आज के समय में विस्थापित हिन्दुओं का यथार्थ हैं।सर्वेश ने जो हिम्मत अपने कलम के माध्यम से दिखाई है वह प्रशंसनीय है।मैंने जब यह किताब पढ़ी मैं अंदर से हिल गया। विस्थापित हिन्दुओं का सम्मान लौटाना आज के समय की माँग है।

प्रसिद्ध समीक्षक विनोद अनुपम ने कहा कि पुण्यपथ के विषय पर और बातें होनी चाहिए। सर्वेश ने जो आज किया है बहुत पहले किया जाना चाहिए था लेकिन यह इस देश का दुर्भाग्य है कि ऐसी बात पहले शुरु नही हुयी। आनंद कुमार ने कहा कि सर्वेश तिवारी ‘श्रीमुख’ उन चंद लेखकों में से एक हैं जिन्होंने कभी राष्ट्रवाद की डोर नहीं छोड़ी। उनका पहला उपन्यास “परत” लव जिहाद की परतों को उधेड़ता उस विषय पर लिखा गया हिन्दी का इकलौता उपन्यास है, जिसे पाठकों ने खूब सराहा और यह किताब बेस्ट सेलर बनी।
सर्वेश तिवारी ‘श्रीमुख’ ने पुस्तक की भुमिका पर बोलते हुए कहा कि मैं एक साहित्यकार का धर्म निभा रहा हूँ। अपने समय के सत्य को उधृत करना ही साहित्यकार का कर्तव्य है और मैं उसको निभा रहा हूँ।

प्रो. अरुण भगत ने किताब पर बोलते हुए कहा कि यह पाकिस्तानी हिन्दुओं की पीड़ा पर केंद्र में रख कर लिखा गया उपन्यास समाज की आँखे खोलने वाली है। उनकी यह पुस्तक समाजोपयोगी है।यह किताब उत्कृष्ट साहित्य का नमूना है।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पद्मश्री प्रो. श्याम शर्मा ने कहा कि पुण्यपथ, हर हिन्दू के घर में होनी होनी चाहिए ताकी उनको विस्थापित हिन्दुओं की पीड़ा का एहसास हो सके।

जलज कुमार अनुपम ने मंच का संचालन करते हुए कहा कि अपने और पराये लोगों के बीच की रेखा की पहचान करना नितांत आवश्यक है। इस मौके पर प्रसिद्ध रंग निर्देशक संजय उपाध्याय, संस्कार भारती, बिहार के संगठन मंत्री वेद प्रकाश, संजय पोद्दार, नीतू कुमार ‘नूतन’, और डाॅ. संजय कुमार चौधरी आदि मौजूद रहे।
Attachments area

image_print

एक निवेदन

ये साईट भारतीय जीवन मूल्यों और संस्कृति को समर्पित है। हिंदी के विद्वान लेखक अपने शोधपूर्ण लेखों से इसे समृध्द करते हैं। जिन विषयों पर देश का मैन लाईन मीडिया मौन रहता है, हम उन मुद्दों को देश के सामने लाते हैं। इस साईट के संचालन में हमारा कोई आर्थिक व कारोबारी आधार नहीं है। ये साईट भारतीयता की सोच रखने वाले स्नेही जनों के सहयोग से चल रही है। यदि आप अपनी ओर से कोई सहयोग देना चाहें तो आपका स्वागत है। आपका छोटा सा सहयोग भी हमें इस साईट को और समृध्द करने और भारतीय जीवन मूल्यों को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए प्रेरित करेगा।

RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img

लोकप्रिय

उपभोक्ता मंच

- Advertisment -spot_img

वार त्यौहार