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  • कांवड़ यात्रा पर किच – किच क्यों ?

    कांवड़ यात्रा पर किच – किच क्यों ?

    बचपन के दिनों में श्रावण के महीने में अपने शहर के नजदीक से बहने वाली नदी से जल भर कर प्राचीन शिव मंदिर में बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया करता था। कुछ बड़े होने पर शिवधाम के तौर पर जेहन में बस दो ही नाम उभरते थे।

  • भारत और इजराइल के रिश्तेःसंस्कृति के दो पाट

    भारत और इजराइल के रिश्तेःसंस्कृति के दो पाट

    इजराइल और भारत का मिलन दरअसल दो संस्कृतियों का मिलन है। वे संस्कृतियां जो पुरातन हैं, जड़ों से जुड़ी है और जिन्हें मिटाने के लिए सदियां भी कम पड़ गयी हैं। दरअसल यह दो विचारों का मिलन है, जिन्होंने इस दुनिया को बेहतर बनाने के लिए सपने देखे।

  • इजरायल की ऐतिहासिक यात्रा के निहितार्थ

    इजरायल की ऐतिहासिक यात्रा के निहितार्थ

    अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान हुए सात समझौतों के आधार पर मूल्यांकन करें तो फिर वैसे सारे विश्लेषण कमजोर पड़ जाएंगे जो इस यात्रा के साथ लगातार सनसनाहट पैदा करने की कोशिश कर रहे थे। ये सातों समझौते विकास से संबंधित हैं।

  • योगी राज में कितना बदला उत्तर प्रदेश …!!

    योगी राज में कितना बदला उत्तर प्रदेश …!!

    यह विचित्र संयोग रहा कि सात साल बाद विगत मार्च में जब मेरा देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में जाना हुआ तब राज्य में विधानसभा के चुनाव अपने अंतिम चरण में थे, और इस बार जुलाई के प्रथम दिनों में ही फिर प्रदेश जाने का संयोग बना तब देश के दूसरे प्रदेशों की तरह ही यूपी में भी राष्ट्रपति चुनाव की खासी गहमागहमी चल रही थी।

  • दोस्त हो तो इज़राईल जैसा

    दोस्त हो तो इज़राईल जैसा

    निसंदेह आज भारत और इजराइल के सम्बन्धों में परस्पर बढ़ते सहयोग के लिये किये जा रहें समझौतो से दोनों ही देशों के लाभ निहित है। इस्लामिक आतंकवाद से सर्वाधिक उत्पीड़ित दोनों राष्ट्रों की अनेक समस्यायें समान होने पर भी कुछ युद्धकालीन परिस्थितियों को छोड़ कर परस्पर सहयोग न लेना व देने की पिछले 70 वर्षों की त्रुटि को सुधार कर मोदी जी ने संभवत सार्थक पहल करी है।

  • यह वृक्ष ही बचाएंगे हमें

    यह वृक्ष ही बचाएंगे हमें

    प्रकृति के बिना मनुष्य के जीवन की कल्पना संभव नहीं है। जल-जंगल के बिना जन का जीवन संभव है क्या? साधारण बुद्धि का व्यक्ति भी इस प्रश्न का उत्तर जानता है। लेकिन, लालच से वशीभूत आदमी प्रकृति का संवर्द्धन करने की जगह निरंतर उसका शोषण कर रहा है।

  • मोदीः जनविश्वास पर खरा उतरने की चुनौती

    मोदीः जनविश्वास पर खरा उतरने की चुनौती

    जिस दौर में राजनीति और राजनेताओं के प्रति अनास्था अपने चरम पर हो, उसमें नरेंद्र मोदी का उदय हमें आश्वस्त करता है। नोटबंदी, कैसलेश जैसी तमाम नादानियों के बाद भी नरेंद्र मोदी लोगों के दुलारे बने हुए हैं, तो यह मामला गंभीर हो जाता है।

  • बयानबाज़ी नहीं, कार्रवाई होनी चाहिए

    बयानबाज़ी नहीं, कार्रवाई होनी चाहिए

    गंगा-जमुनी तहज़ीब हमारे देश की रूह है. संतों-फ़क़ीरों ने इसे परवान चढ़ाया है. प्रेम और भाईचारा इस देश की मिट्टी के ज़र्रे-ज़र्रे में है. कश्मीर से कन्याकुमारी तक हमारे देश की संस्कृति के कई इंद्रधनुषी रंग देखने को मिलते हैं.

  • दूषित सोच से लोकतंत्र का कमजोर होना

    दूषित सोच से लोकतंत्र का कमजोर होना

    पिछले दिनों हमारी संकीर्ण सोच एवं वीआईपी संस्कृति में कुछ विरोधाभासी घटनाओं ने न केवल संस्कृति को बल्कि हमारे लोकतंत्र को भी शर्मसार किया है।

  • भारत को अमेरिका बनाने के संकल्प का सत्य

    भारत को अमेरिका बनाने के संकल्प का सत्य

    अमेरिका के वर्जीनिया में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को अमेरिका बनाकर दिखाने का संकल्प व्यक्त किया है। 66 साल के मोदी ने अपनी इसी जिन्दगी में ऐसा करने का विश्वास व्यक्त करना कहीं अतिश्योक्ति तो नहीं है?

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