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  • केवल आकाओं को सन्मति दे भगवान

    केवल आकाओं को सन्मति दे भगवान

    भारतीय लोकतंत्र एक बार फिर शर्मसार हुआ, सांसदों के अमर्यादित व्यवहार ने संसद की गरिमा को धुंधलाया है। कांग्रेस के छह सांसदों ने लोकसभा में जैसी अराजकता एवं अभद्रता का परिचय दिया और जिसके चलते उन्हें पांच दिनों के लिए निलंबित किया गया, यह भारतीय लोकतंत्र की एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।

  • रेलवे को संवेदनशील बनाना होगा

    रेलवे को संवेदनशील बनाना होगा

    भारतीय जन-जीवन की आर्थिकी से लेकर सांस्कृतिक परिदृश्य तक भारतीय रेल एक सतत महत्वपूर्ण आधार और सशक्त माध्यम है, इसीलिए उसकी अव्यवस्था और बदहाली राष्ट्रीय चिंता का बड़ा कारण मानी जाती है। तरह-तरह की उपलब्धियों के बावजूद रेल यात्रियों को सफर में हर कदम पर कठिनाइयों से जूझना पड़ता है।

  • कोविंदजी! अब देश आश्वस्त होना चाहता

    कोविंदजी! अब देश आश्वस्त होना चाहता

    श्री रामनाथ कोविन्द देश के चैहदवें नए राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं। वह एक दलित के बेटे हैं जो सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने की दूसरी घटना है, जिससे भारत के लोकतंत्र नयी ताकत मिलेगी, दुनिया के साथ-साथ भारत भी तेजी से बदल रहा है।

  • पुलिस  सुधार के लिए भारत इंग्लॅण्ड से सीखे

    पुलिस सुधार के लिए भारत इंग्लॅण्ड से सीखे

    पुलिस दुराचरण के विरुद्ध लगातार शिकायतें मिलती रहती हैं | वर्ष 2007 में बनाए गए विभिन्न राज्यों के विकलांग पुलिस कानून में प्रावधान की गयी कमेटियों का आजतक गठन नहीं हुआ है व राजस्थान उनमें से एक है | यद्यपि इन कमेटियों के गठन से भी धरातल स्तर पर कोई लाभ नहीं होने वाला क्योंकि जांच के लिए पुलिस का ही सहारा लिया जाता है |

  • भारतीय पुलिस संस्कृति में भ्रष्टाचार की जड़ें

    भारतीय पुलिस संस्कृति में भ्रष्टाचार की जड़ें

    भारतीय पुलिस में भ्रष्टाचार सर्वविदित और सुज्ञात है| जो इस विभाग में ईमानदार दिखाई देते हैं वे भी लगभग ईमानदारी का नाटक ही कर रहे हैं और वे महाभ्रष्ट नहीं होने से ईमानदार दिखाई देते हैं| भ्रष्ट भी दो तरह के होते हैं – एक वे जो माँगते नहीं अपितु दान दक्षिणा स्वीकार करते है – पुजारी होते हैं|

  • कांवड़ यात्रा पर किच – किच क्यों ?

    कांवड़ यात्रा पर किच – किच क्यों ?

    बचपन के दिनों में श्रावण के महीने में अपने शहर के नजदीक से बहने वाली नदी से जल भर कर प्राचीन शिव मंदिर में बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक किया करता था। कुछ बड़े होने पर शिवधाम के तौर पर जेहन में बस दो ही नाम उभरते थे।

  • भारत और इजराइल के रिश्तेःसंस्कृति के दो पाट

    भारत और इजराइल के रिश्तेःसंस्कृति के दो पाट

    इजराइल और भारत का मिलन दरअसल दो संस्कृतियों का मिलन है। वे संस्कृतियां जो पुरातन हैं, जड़ों से जुड़ी है और जिन्हें मिटाने के लिए सदियां भी कम पड़ गयी हैं। दरअसल यह दो विचारों का मिलन है, जिन्होंने इस दुनिया को बेहतर बनाने के लिए सपने देखे।

  • इजरायल की ऐतिहासिक यात्रा के निहितार्थ

    इजरायल की ऐतिहासिक यात्रा के निहितार्थ

    अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान हुए सात समझौतों के आधार पर मूल्यांकन करें तो फिर वैसे सारे विश्लेषण कमजोर पड़ जाएंगे जो इस यात्रा के साथ लगातार सनसनाहट पैदा करने की कोशिश कर रहे थे। ये सातों समझौते विकास से संबंधित हैं।

  • योगी राज में कितना बदला उत्तर प्रदेश …!!

    योगी राज में कितना बदला उत्तर प्रदेश …!!

    यह विचित्र संयोग रहा कि सात साल बाद विगत मार्च में जब मेरा देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में जाना हुआ तब राज्य में विधानसभा के चुनाव अपने अंतिम चरण में थे, और इस बार जुलाई के प्रथम दिनों में ही फिर प्रदेश जाने का संयोग बना तब देश के दूसरे प्रदेशों की तरह ही यूपी में भी राष्ट्रपति चुनाव की खासी गहमागहमी चल रही थी।

  • दोस्त हो तो इज़राईल जैसा

    दोस्त हो तो इज़राईल जैसा

    निसंदेह आज भारत और इजराइल के सम्बन्धों में परस्पर बढ़ते सहयोग के लिये किये जा रहें समझौतो से दोनों ही देशों के लाभ निहित है। इस्लामिक आतंकवाद से सर्वाधिक उत्पीड़ित दोनों राष्ट्रों की अनेक समस्यायें समान होने पर भी कुछ युद्धकालीन परिस्थितियों को छोड़ कर परस्पर सहयोग न लेना व देने की पिछले 70 वर्षों की त्रुटि को सुधार कर मोदी जी ने संभवत सार्थक पहल करी है।

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