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पर्यावरण संरक्षण का संकेत दे रही हैं आपदाएं : विनीत कौशिक

भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में ‘ऊर्जा संरक्षण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण’ विषय पर जन-जागरूकता कार्यक्रम में पेट्रोलियम कंजर्वेशन रिसर्च एसोसिएशन, भारत सरकार के विषय विशेषज्ञ श्री विनीत कौशिक ने कहा कि दुनिया में आ रही आपदाएं स्पष्ट संकेत कर रही हैं कि हमें पर्यावरण के संरक्षण के संबंध में सचेत हो जाना चाहिए। हमें अपनी जीवनशैली को सुधारना चाहिए, अन्यथा बहुत देर हो जाएगी। वहीं, कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि विश्वविद्यालय के विसनखेड़ी स्थित नवनिर्मित परिसर और रीवा के नवनिर्मित परिसर में जल एवं ऊर्जा संरक्षण के उपाय किए गए हैं। हम अपने परिसरों को ईको-फ्रेंडली बनाने के प्रयास करेंगे। परिसर के अंदर साइकिल और बैट्री से संचालित वाहनों के उपयोग पर जोर होगा।

ऊर्जा संरक्षण के छोटे-छोटे उपायों के माध्यम से किस प्रकार हम समूचे पर्यावरण का संरक्षण कर सकते हैं? ऊर्जा सरंक्षण के विशेषज्ञ विनीत कौशिक ने पावर पॉइंट प्रजेन्टेशन के माध्यम से यह जानकारी एमसीयू के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों के साथ साझा की। उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार ऊर्जा संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास कर रही है। ऊर्जा के वैकल्पिक एवं अक्षय स्रोत पर भारत में पिछले कुछ वर्षों में सराहनीय कार्य हुआ है। दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले भारत सरकार ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से विकास किया है। श्री कौशिक ने बताया कि ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रही भारत सरकार की संस्था पीसीआरए के उद्देश्य ऊर्जा का उचित उपयोग, पर्यावरण संरक्षण, धारणीय विकास की ओर बढऩा और नागरिकों की जीवनशैली की गुणवत्ता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि हम नये तकनीक वाले साधनों का उपयोग करके ऊर्जा खपत को कम कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण पर्यावरण एवं स्वास्थ्य के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ी है। लोगों ने साइकिल का उपयोग पुन: प्रारंभ किया है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण सबके लिए महत्वूपर्ण विषय है। इस संबंध में समाज के प्रत्येक व्यक्ति को ठीक जानकारी होनी चाहिए। समाज तक पर्यावरण, ऊर्जा एवं प्रकृति संरक्षण के संबंध में तथ्यात्मक जानकारी पहुँचाने में पत्रकार एवं पत्रकारिता के विद्यार्थी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य समाज में जागरूकता लाना है। ऊर्जा संरक्षण को लेकर मीडिया में कवरेज बढऩा चाहिए। पत्रकारिता के विद्यार्थी भी सोशल मीडिया, माइक्रो ब्लॉगिंग एवं ब्लॉगिंग के माध्यम से ऊर्जा संरक्षण को लेकर जागरूकता ला सकते हैं। इससे पूर्व पत्रकारिता विभाग की अध्यक्ष डॉ. राखी तिवारी ने विषय प्रवर्तन किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ. मणिकंठन नायर ने किया और आभार ज्ञापन कुलसचिव प्रो. अविनाश बाजपेयी ने किया।

कुलसचिव

(डॉ. अविनाश वाजपेयी)

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