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कोरोना जागरुकता और अध्यापन में डॉ. चन्द्रकुमार जैन पेश कर रहे रचनात्मक योध्दा की मिसाल

राजनांदगांव। कोरोना वायरस की महामारी से बुलंद हौसले के साथ जूझने के दौर में दिग्विजय कालेज के प्रोफेसर डॉ. चन्द्रकुमार जैन ने अपनी संस्था सहित अन्य हजारों विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर एक मिसाल कायम कर दिखायी है। दूसरी तरफ अपनी रचनात्मक प्रस्तुति और शासकीय निर्देशों के अनुरूप संदेशवाहक सम्प्रेषण से भी डॉ. जैन कारगर जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उन्होंने प्रभावशाली आडियो, वीडियो, लेख-आलेख के अतिरिक्त मौलिक स्लोगन भी लिखकर चुनिंदा शासकीय विभागों की मांग पर उपलब्ध करवाया है जिसे जनता के बीच पूरी जिम्मेदारी से प्रसारित किया जा रहा है। इनके आलावा यूट्यूब पर डॉ. जैन की साहित्यिक व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का अपना अलग आकर्षण बना हुआ है। इतना ही नहीं, डॉ. जैन ने भारतीय रेल के कोरोना जागरूकता कैंपेन में भी अपनी आवाज़ दी है, जिससे रेलवे के विशाल अमले और जन समुदाय को भी व्यापक जानकारी मिल रही है। एक प्रोफ़ेसर की इस उत्तरदायी पहल को एक प्रेरक उदाहरण की तरह समझा जा सकता है।

गौरतलब है कि डॉ. जैन ने प्रिंट और सोशल मीडिया के विविध आयामों पर रोचक, प्रभावी तथा उपयोगी जानकारी देते हुए विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए लॉक डाउन की अवधि में घर बैठे तैयारी की सुविधा मुहैया करवायी है। डॉ. जैन इसे उच्च शिक्षा की सेवा में अपने अकादमिक कर्तव्य साथ-साथ मौजूदा विकट समय में बौद्धिक जिम्मेदारी के रूप में देखते हुए इसे अपना सौभाग्य मानते हैं। आनलाइन कक्षाओं और वीडियो अपलोड्स में अब तक डॉ. जैन ने हिंदी साहित्य, मीडिया लेखन, अनुवाद और आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं के कई पहलुओं की चर्चा की, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं को लाभ मिला है। रायपुर, दुर्ग, जबलपुर, उज्जैन, मुंबई, खैरागढ़ सहित अन्य कई विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों और चुनिंदा प्राध्यापकों ने भी डॉ. जैन की प्रस्तुति की सराहना की है और अपनी टिप्पणियां भेजी हैं। यह क्रम निरंतर है।

बूँद भर नर्म उजाला
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यह संयोग मात्र नहीं है कि अपने यूट्यूब चैनल बूँद भर नर्म उजाला के माध्यम से डॉ. जैन बड़ी संख्या में लोगों का ध्यान आकर्षित करने में सफल हुए हैं। भाषा और अभिव्यक्ति की अलग पहचान के चलते डॉ. जैन की प्रस्तुति को कॅरियर और सीखने की चाह रखने वाले सिरआँखों पर बिठा रहे हैं। डॉ. जैन स्नातकोत्तर हिंदी के विद्यार्थियों के लिए ई-क्लास लगा रहे हैं, जिसके तहत सौ फीसदी अटेंशन का रिकार्ड बनाते हुए कई घंटों के विमर्श में अब तक 106 विद्यार्थी नायाब जानकारी के हक़दार बन चुके है।

लोगों का आभार
मानते हैं डॉ. जैन

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डॉ. जैन ने बताया कि अभी जो हालात हैं उनमें संस्थाएं बंद और नियमित क्लास पर पूर्ण प्रतिबन्ध है। लेकिन आगामी परीक्षाओं के मद्देनज़र डॉ. जैन विद्यार्थियों को हरसंभव मदद कर रहे हैं। सीधे संवाद को भी अहमियत देते हैं। गौरतलब है कि ऑनलाइन क्लास के साथ डॉ. चन्द्रकुमार जैन विद्यार्थियों और अपने श्रोताओं को लॉक डाउन की अवधि में शासन के निर्देशों के कड़ाई से पालन और कोरोना वायरस के कुप्रभाव के बचने की प्रेरणा भी दे रहे हैं। इसे वे एक सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय कर्तव्य की तरह निभा रहे हैं। हाल ही में डॉ. जैन ने शासन के गाइडलाइन के अनुरूप कोरोना वायरस के कुप्रभावों से बचने के मद्देनज़र जानदार अपील वाले मौलिक वीडियो भी जारी किए हैं। अन्य तथा स्वयंसेवी शासकीय प्रयासों में अपनी आवाज़ भी दी है। दूसरी तरफ उनके व्यक्तित्व विकास तथा मोटिवेशन के जुड़े वीडियोज के सबस्क्राइबर्स और फॉलोवर्स भी उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं। डॉ. जैन बड़ी विनम्रता के साथ लोगों का आभार मानते हैं जिनकी वजह से ऐसा कुछ करना संभव हो पाता है।

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