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अब नेटफ्लिक्स और अमेजान प्राईम के लिए भी बनेगी आचार संहिता

‘ओवर द टॉप’ (ओटीटी) प्लेटफॉर्म्स के रेगुलेशन का मुद्दा इन दिनों जोर-शोर से उठ रहा है। समाज के कई वर्गों से इसके कंटेंट को लेकर चिंता जताई जा रही है। ऐसे में ओटीटी प्लेयर्स पर काफी दबाव है कि वे अपने कंटेंट पर कुछ सेंसरशिप लगाना सुनिश्चित करें। सरकार रेगुलेशन के स्थान पर ऐसी ‘आचार संहिता’ (Code of Conduct) के बारे में प्रयासरत है, जिसका ओटीटी इंडस्ट्री पालन कर सके।

अब ‘सूचना-प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) ने ‘ओवर द टॉप’ कंटेंट प्लेयर्स से किसी निर्णायक इकाई का गठन करने और अगले सौ दिनों के अंदर आचार संहिता को अंतिम रूप देने के लिए कहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसके लिए दिल्ली में लगभग सभी बड़े ओटीटी प्लेयर्स से मुलाकात की। बताया जाता है कि इस मुलाकात में जावड़ेकर ने चीन के स्ट्रीमिंग प्लेयर्स का उदाहरण दिया, जिन्होंने सरकार की सभी शर्तों का पालन किया है। करीब 45 मिनट चली इस मुलाकात में नेटफ्लिक्स, अमेजॉन प्राइम, एमएक्स प्लेयर, हॉट स्टार आदि ओटीटी प्लेयर्स के प्रतिनिधि शामिल थे। चार ओटीटी प्लेयर्स इस दिशा में ‘इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) द्वारा गठित ‘डिजिटल कंटेंट कंप्लेंट काउंसिल’ (DCCC) से असहमत दिखे।

वहीं, इस सुझाव पर अमेजॉन प्राइम ने जहां अपनी नाराजगी जताई है, नेटफ्लिक्स, एमएक्स प्लेयर्स और एएलटीबालाजी ने सोच विचार के लिए कुछ और समय देने की मांग उठाई है।

बता दें कि ‘IAMAI’ ने पिछले साल की शुरुआत में आचार संहिता को लेकर एक मसौदा तैयार किया था, जिसमें ऑनलाइन कंटेंट प्रोवाइडर्स के लिए गाइडलाइंस शामिल की गई थीं। इन गाइडलाइंस को पहले से उपलब्ध कानूनी सलाहों के साथ ही भविष्य को लेकर शेयरधारकों की चिंताओं को भी शामिल करते हुए तैयार किया गया था। वहीं, जावड़ेकर ने अक्टूबर में ओटीटी प्लेयर्स के साथ एक मुलाकात में उन्हें इस मुद्दे पर सर्वसम्मति से कोई एक इकाई तय करने का सुझाव दिया था।

साभार- https://www.samachar4media.com/ से

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