Monday, June 17, 2024
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कहानी टमाटर की

तथागत बुद्ध ने कभी टमाटर नही खाया, सम्राट अशोक ने कभी टमाटर नही खाया, सिकंदर ने टमाटर नही खाया, ईसा मसीह ने टमाटर नही खाया, सम्राट कनिष्क और सम्राट हर्षवर्धन ने भी कभी टमाटर नही खाया. मोहम्मद ग़ज़नी, अलाउद्दीन खिलजी, बाबर, अकबर, महाराणा प्रताप, औरंगजेब और छत्रपति शिवाजी महाराज ने भी कभी टमाटर नही खाया. कारण उनके वक़्त टमाटर का उत्पादन पुरानी दुनिया मे नही होता था. टमाटर का उत्पादन केवल नई दुनिया मे होता था और हम 15वीं शताब्दी तक नई दुनिया से अनजान थे. प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों में भी टमाटर और टमाटर के गुणों का कोई उल्लेख नही है. आज कहानी उस लाल टमाटर की, जिसके बिना हमारा भोजन, हमारी सब्ज़ी, हमारा हर भोजन अधूरा है. ◆◆◆ टमाटर की उत्पत्ति और इतिहास. आज के मेक्सिको में एक समय एज़्टेक साम्राज्य था, जिनकी अपनी प्राचीन एज़्टेक सभ्यता, संस्कृति, भाषा, खानपान और चिकित्सा पद्धति थी. आज से 3000 साल पहले एज़्टेकवासियों ने सोलोमन लाइको पोर्सिरकान नाम के जंगली पौधे के बीजों की खेती शुरू की यहीं से आज के टमाटर की उत्पत्ति की बुनियाद पड़ी. 500 BC तक एज़्टेकवासी “टोमातल” को अपने भोजन का हिस्सा बना चुके थे. एज़्टेक अपनी नहुअतल भाषा में टमाटर को टोमातल कहते थे.

स्पैनिश साम्राज्यवाद ने एज़्टेक साम्राज्य पर अपना आधिपत्य स्थापित किया. पहली बार स्पैनिश लोग टमाटर से रूबरू हुए. स्पैनिश आक्रमण में एज़्टेक लोगों का टोमातल अब स्पैनिश भाषा का टोमोटे बन गया था, जो अटलांटिक महासागर पार कर पूरी दुनिया फैलने के लिए तैयार था. स्पैनिश साम्राज्यवाद के बड़ी बड़ी जहाजों में टमाटर के बीजों को लादा गया. और 16वीं शताब्दी में पहली बार यूरोप के हर देश में टमाटर की खेती होने की धीमी शुरुआत होने लगी. इंग्लैंड पहुंचते ही इंग्लिश लोगों ने इसे अपने शब्दों में टोमैटो नाम दिया. सोलोमन लाइको पोर्सिरकान पौधे का बीच टोमातल से टोमोटे, टोमोटे से टोमैटो और टोमैटो से टमाटर बनने के इतिहास पर था. लेकिन भारत में टोमैटो लाने वाले इंग्लिश नही, पोर्तुगाली थे. 16वीं शताब्दी में पोर्तुगालियों ने टोमैटो को भारत पहुंचा दिया. भारत की मिट्टी में मिलकर एज़्टेकवासियों का टोमातल यहां टमाटर बन गया. धीरे धीरे टमाटर चीन, थाईलैंड, मलेशिया और पूरे दक्षिण एशिया में फैल गया. मिडिल ईस्ट और अफ्रीका में टमाटर 17वीं शताब्दी में पहुंचा. भारत में शुरुआती दिनों में टमाटर की खेती केवल ब्रिटिश अपने लिए कराते थे. समय के साथ टमाटर को स्थानीय लोगों ने भी अपनाना शुरू किया. पहले टमाटर मौसमी सब्ज़ी था. साल में एक बार लोग खाते और इस्तेमाल करते. लेकिन सॉस और केचअप के आगमन के बाद टमाटर हर मौसम हर महीने की फसल बन गया. सब्ज़ी, पुलाव, बिरयानी, सलाद, रायता और हर व्यंजन को बनाने में टमाटर का इस्तेमाल होता है. सूचना – टमाटर में विटामिन ए, सी और के भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा टमाटर में पोटैशियम, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, तांबा भी भरपूर मात्रा में होता है. इसी कारण टमाटर गुणकारी है. लेकिन इसका अर्थ यह नही यह सब केवल टमाटर में ही पाया जाता है. टमाटर के अलावा बहोत से फल सब्ज़ी हैं जिनके भरपूर विटामिन होता है. अंतिम पंक्ति : टमाटर जैसे पौष्टिक तत्व के लिए एज़्टेकवासी जो मेक्सिको के मूलनिवासी हैं, उनका बहुत बहुत धन्यवाद और आभार.

साभार https://twitter.com/KraantiKumar से

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