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वफ़ा न रास आई :आरुषि निशंक की बेहतरीन अदाकारी और जुबिन नौटियाल की खूबसूरत आवाज का संगम है

अमरीका के मेट्रोपॉलिटेंट एशियन फैमिली सर्विसेस के लिए कर्टन रेसर ,उन्तीसवाँ सेमी -एनुअल गाला रविवार १६ मई को मनाया गया। इस कार्यक्रम में बॉलीवूड के गायक जुबिन नौटियाल और अदाकारा आरुषी ने भाग लिया। आज का यह कार्यक्रम वफ़ा न रास आयी संगीत वीडियो को प्रचारित करने के लिए भी आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के प्रारम्भ में संचालिका प्रतिभा जी और ऋचा जी मंच पर आई और उन्होंने संतोष जी को बुलाया। मंच पर आकर संतोष जी ने कहा कि अभी भारत बहुत ही परेशानी से गुजर रहा है ,हम सभी को मदद करनी चाहिए,अतः दान कीजिये।

मेट्रोपॉलिटेंट एशियन फैमिली सर्विसेस के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान भी मेरी टीम काम करती रही। कोविड के लिए जारी सारी सावधानी को ध्यान में रखते हुए मेरे लोग दिनरात लगे रहे। डॉ संतोष कुमार जी ने कहा कि आप यहाँ पर mafsinc.com/indiacovidfund डोनेट कर सकते हैं। मेट्रोपॉलिटेंट एशियन फैमिली सर्विसेस ने कंग्रेस मैन डैनी के डेविस के साथ मिलकर पैसे इकटठे किये। इसके बाद संतोष जी ने कहा कि डॉ प्रभाकर की अगुआई में सभी संस्थाएँ साथ आई और हमने पैसे इकठ्ठे किये। ये सारे पैसे रेडक्रॉस इंडिया को गए। हमने दवाएं ,और ऑक्सीजन मेकर भारत भेजें हैं।

इस कोविड काल में हमारे वरिष्ठजनों का बहुत ध्यान रखा गया है हमारी टीम ने उनको मानसिक तनाव से बाहर निकालने में मदद की और सभी की सेहत का ध्यान रखा तथा उनको दवाएं दीं l उनको भोजन पहुँचाने में भी बहुत सहायता की है। संतोष जी ने आगे बोलते हुए कहा कि १७ अक्टूबर को एक और कार्यक्रम है उसमें आप सभी सादर आमंत्रित हैं। संतोष जी ने कहा आज का प्रोग्राम बहुत ही खास है। आज हमारे साथ दो बहुत ही प्रतिभाशाली कलाकार हैं। आरुषि मेरे लिए मेरी बेटी की तरह हैं। यह सिर्फ बहार से ही सूंदर नहीं है परन्तु इनका हृदय भी बहुत पवित्र और प्यारा है। आरुषि पूरब और पश्चिम का बहुत सुन्दर संगम हैं। इन्होने एक संगीत विडिओ बनाया है जिसका नाम है ‘वफ़ा न रास आयी ‘ l जिसको बहुत ही पसंद किया जा रहा है ,इस गाने के गायक भी आज हमारे साथ है जिनकी आवाज लाखो दिलो की धड़कन बन चुकी है। संतोष जी ने आगे बोलते हुए कहा कि इन जैसे १० प्रतिभाशाली लोग मिल जाएँ तो मैं दुनिया बदल सकती हूँ।

संतोष जी के बाद ऋचा चन्द और प्रतिभा जैरथ ने अतिथियों का परिचय कराया उनकी खूबसूरत शेरो -शायरी ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। इससे पहले की कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकार आपके अपने प्रश्न पूछते ज़ुबिन जी ने ऋचा जी के अनुरोध पर एक पहाड़ी गाना गाया। फिर एक एक कर के सभी पत्रकारों ने अपने प्रश्न पूछे।

आरुषि जी से जब पूछा गया कि आप एक कत्थक नृत्यांगना है तो शास्त्रीय नृत्य से अभिनय की तरफ झुकाव कैसे हुआ, तो उन्होंने कहा कि आप सभी मुझको जानते हैं। मैं एक कत्थक डांसर हूँ पर हर कलाकार को अपनी कला में आगे बढ़ना चाहिए। बस जब मुझको अवसर मिला तो मैने ले लिया। मुझे ख़ुशी है कि मैं बहुत ही प्रतिभावान गायक के साथ काम किया है। आरुषि जी से जब पूछा गया कि आप के रोल मॉडल कौन हैं तो उन्होंने कहा मेरी माँ हैं उन्होंने मुझे हमेशा आगे बढ़ना सिखाया है जब वो कैंसर से पीड़ित हो कर अस्पताल में थी मैं उनके साथ थी उन्होंने मुझे काम करते रहने को कहा। अस्पताल में एक छोटा सा कमरा था। मैं वहां अभ्यास करती थी। आरुषि ने आगे कहा कि जी मैंने बिरजू महाराज जी से शिक्षा ली हैं। मैं कनाडा में रहती थी वहां मैने सिखाया भी है मुझे यह देख कर अच्छा लगा की यहाँ के लोग शास्त्रीय नृत्य को कितना महत्व देते हैं। यदि आपको एक अच्छा डांसर या गायक बनना है तो शास्त्री संगीत या नृत्य की शिक्षा बहुत महत्त्व रखती है। किसी कलाकार की यात्रा आसान नहीं होती है बहुत मेहनत करनी पड़ती है।

वफ़ा न रास आयी संगीत वीडिओ के बारे में बोलते हुए आरुषि जी ने कहा कि वफ़ा न रास आई, गाना बहुत खास है सभी ने बहुत मेहनत की है पूरी टीम ने बहुत ही अच्छा काम किया है अभी २० दिन हुए हैं पर उस गाने को १०० मिलियन से ज्यादा हिट मिल चुके हैं। हमको इस गाने की शूटिंग कश्मीर में करनी थी ,मुझे लगा सुन्दर जगह होती पर कितनी इसका अंदाजा नहीं था।मुझको स्वटजरलैंड बहुत पसंद है। सोचा उसे ज्यादा तो सुन्दर नहीं होगी पर जब देखा तो लगा कश्मीर से सुन्दर जगह कोई हो ही है सकती। एक बात यहाँ बताना चाहूंगी कि जब हम शूटिंग कर रहे थे तो वहां -१६ का तापमान था। ठण्ड से हमारे चेहरे जमे जा रहे थे। कॉफी पी पी कर हमारे दाँत पीले पड़ चुके थे। पर अन्त में जब इतना सुन्दर परिणाम आया तो हम सभी अपने सारे कष्ट भूल गए l

आगे आने वाले प्रोजेक्ट के बारे में बताते हुए आरुषि ने कहा कि हमा कुछ फ़िल्में कर रहे हैं ,टी सीरीज के साथ और और दूसरे बैनर के साथ भी काम कर रहे हैं कुछ वेव सीरीज भी है तारिणी कर रही हूँ ,तारिणी 6 महिला नेवी ऑफिसर्स की कहानी है।

हिन्दी मीडिया https://hindimedia.in/ के लिए आरुषि से पूछा गया कि तारिणी फिल्म आपको कैसे मिली और इसका कुछ अनुभव हमारे पढ़ने वालों से साझा कीजिये। तो उन्होंने कहा कि यह सच्ची कहनी है हमारे प्रधान मंत्री जी के प्रोत्साहन से ये ६ लड़कियाँ विश्व भ्रमण कर के आयीं थी। यह मेरे लिए विशेष क्यों है वो बताना चाहती हूँ ऐसा पहले दुनिया में कभी हुआ नहीं था। भारत में महिला अधिकारीयों को अकेले जाने की अनुमति नहीं होती थी। लोगों के मन में रहता था कि औरतें सक्षम तो हैं पर उन पर सब कुछ छोड़ा नहीं जा सकता। .इसी कारण यह तारिणी मेरे लिए बहुत ख़ास बानी। मै रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अंकल से बहुत लड़ झगड़ कर उनसे अनुमति ले कर आयी थी। बहुत सारे स्टुडिओं इसके लिए लड़ रहे थे। पर मुझको लगता था की मुझे यह फिल्म करनी चाहिए ,क्योंकि मैं औरतों की बहुत बढ़ी हिमायती हूँ,और उन्होंने मुझपर विश्वास किया ,इसके बाद हमलोग भूषन जी से मिले उन्होंने बहुत रूचि दिखाई और इसको बहुत पसंद किया तो अब हमलोग इस फिल्म को बना रहे हैं। इसको बनने में एक साल का समय लगेगा।

इसके बाद जुबिन जी ने खुद से पूछे गए सवाल के आपकी अभी तक की संगीत यात्रा कैसी रही का जवाब देते हुए कहा कि मैंने बहुत ही छोटी सी उम्र से ही गायक बनने के लिए सोच लिया था। संगीत मेरा प्यार है। तो बस मुझको अपनी इस मोहब्बत को पाना है। मैने पीछे मुड़ कर नहीं देखा बस मेहनत करता गया और फिर ये गाना वफ़ा मिल गया। मैं बहुत छोटी उम्र से ही मुम्बई आगया था। बहुत से लोगों के साथ मैने काम किया।पर जब यह काम मिला तो लगा की अपने घर के लोगों के साथ काम कर रहा हूँ। हम एक छोटी से जगह के लोग हैं जो बड़े सपने देखते हैं।

जब वफ़ा न रास आयी गाना मेरे पास आई तो मुझे लगा पता नहीं कितनी अच्छी तरह से निभा पाउँगा। फिर जब गाया तो मुझे लगा की बहुत अच्छा गाना बना है। यह गाना रश्मि जी ने लिखा है। गाने के आलावा क्या शौक है पूछने पर जुबिन ने बताया कि बस एक यही शौक है। यदि मैं गायक नहीं तो तो कभी बैठा गिटार बजा रहा होता।

https://hindimedia.in/ हिन्दी मीडिया की तरफ से ज़ुबिन जी से पूछा गया कि संगीत के इस सफर को प्रारम्भ करने में आपको किन किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा। जुबिन जी ने कहा कि मेरे परिवार से दोस्तों से मुझको बहुत सहयोग मिला में। हम उत्तराखंड के लोग सपने देखते हैं। और हमारे माता पिता बस हिम्मत देते हैं कि जाओ आसमान से सपने तोड़ कर लाओ। यहाँ मैं ये कहुँगा कि ये आपका नजरिया है के आप केवल संघर्ष करेंगे यह अपनी मंजिल पाएंगे मंजिल को सोच कर आगे बढ़ो मंजिल मिलेगी जरूर। मैने संगीत को परेशानी की तरह है देखा। मैं यदि इतना सफल नहीं होता तो भी कहीं गिटार ही बजा रहा होता। मुझे लगता है मेहनत करने से सफलता जरूर मिलती है। कला एक ऐसी चीज है जहाँ आपको एक फाइल साइन नहीं करनी पढ़ी यहाँ करोडो लोग है आपको देखने के लिए। तो आप जैसा भी काम करोगे अच्छा या बुरा वह दिखेगा। वफ़ा न रास आयी गाना मेरे लिए विशेष है क्योंकि इसमें सारे पहाड़ी मिल कर काम कर रहे हैं ।

जुबिन जी ने सभी को उत्तराखंड आने का न्यौता दिया सभी की फ़रमाहिश को पूरा करते बहुत से गाने गए जैसे वफ़ा न रास आयी ,तेरी नज़रों ने कुछ ऐसा जादू किया ,तुम ही आना ,तो आगये हम ,बड़ी दूर से आएं हैं।

कार्यक्रम के अंत में आरुषि ने सभी का बहुत बहुत धन्यवाद किया और कहा की वह पुनः आना चाहेंगी। जुबिन ने कहा की आज का ये कार्यक्रम उनको बहुत ही अच्छा लगा। उनको यहाँ सबसे मिल कर बहुत ही अच्छा। इसके बाद संतोष जी ने सभी मिडिया कर्मियों का विशेष धन्यवाद किया साथ ही में उन्होंने अपनी पूरी टीम को भी धन्यवाद कहा कि उनकी मेहनत के बिना यह कार्यक्रम करना संभव नहीं था। सुचि ,प्रशांत ,सागर ,कुणाल ,दर्शन ,मीनाक्षी सभी का बहुत बहुत धन्यवाद किया साथ सभी को17 अक्टूबर के कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया और कहा की आरुषि यूनियन शिक्षा मंत्री की बेटी हैं यदि आप चाहती तो आराम से आपने घर में रह सकती थी परन्तु आपने गंगा की सफाई का जिम्मा लिया। जुबिन के लिए बोलते हुए संतोष जी ने कहा की आपसे पहली बार मिली हूँ पर आपने हमारा दिल जीत लिया है। संतोष जी ने आगे कहा कि कृपया mafsinc.com/indiacovidfund पर दान दें।

कार्यक्रम का संचालन बहुत ही उत्तम तरीके से हुआ इसके लिए ऋचा जी और प्रतिभा जी बधाई की पात्र है। इस कार्याक्रम में बहुत से टीवी, रेडिओ और समाचार पत्रों के लोग जुड़े थे।

रचना श्रीवास्तव अमरीका में रहती हैं और वहाँ भारतीयों से जुड़े कार्यक्रमों, आयोजनों व समारोहों के बारे में नियमित रूप से लिखती हैं।

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