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हिंदी में पढ़ पाएँगे सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय

उदयपुर। कानून एवं न्याय मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक मंगलवार को शहर के निजी होटल में हुई। इसकी अध्यक्षता कानून मंत्री सदानंद गौड़ा ने की। इस दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय किए गए। बैठक में सामने आया कि मंत्रालय की विशेष पत्रिका में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को हिंदी में रूपातंरित कर प्रकाशित किया जाता है। हाईकोर्ट आदेशों की जानकारी के लिए भी दो पत्रिकाएं प्रकाशित की जाती हैं।

ऎसे में बैठक में तीनों पत्रिकाओं को विधि मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्णय किया गया। इससे हिंदी के प्रचार-प्रसार के साथ लोगों को न्यायालय के निर्देशों की जानकारी सहजता से प्राप्त हो सकेगी। हिंदी के प्रचार के लिए देशभर में संगोष्ठी कराने का निर्णय भी हुआ। मंत्रालय में हिन्दी भाषा के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए हुई बैठक में सलाहकार समिति के सदस्यों ने कानून संबंधी आदेशों और जानकारी को आम नागरिकों तक सुगम और सरल तरीके से पहंुचाने के लिए मंथन किया। हालांकि इस दौरान मीडिया को दूर रखा गया।

ऑनलाइन होगी भारत दंड संहिता

समिति से जुड़े संजीव कुमार ने बताया कि भारत संहिता को अपडेट कर मंत्रालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इसके माध्यम से आम नागरिक देश के कानूनों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। कानून कब बनाया गया, इसमें अभी तक क्या संशोधन हुए इसकी जानकारी वेबसाइट के माध्यम से दी जाएगी। मंत्रालय की वेबसाइट पर निशुल्क कानूनों की जानकारी दी जाती है। वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी में गलती होने की संभावना काफी कम रहती है। विशेषज्ञों की सूचना की कई बार जांच की जाती है। निजी वेबसाइट पर गलती की संभावना ज्यादा रहती है।

 

साभार- राजस्थान पत्रिका से 

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