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हिंदुओं को कोई कितना ही निंदित करे, उसकी चर्चा तक नहीं होगी

एम. एफ. हुसैन ने अपने पूरे जीवन में हिन्दू देवीयों के जी भर के नग्न और विकृत चित्र बनाएं.* वस्त्रहीन भारत माता का चित्र बनाया. वीणा लिए हुए देवी सरस्वती को पूर्ण नग्न चित्रित किया. और कोई संदेह न रहे, इसलिए इस चित्र पर लिख भी दिया, ‘सरस्वती’. वैसे ही मां दुर्गा के साथ. सिंह के साथ रत होती हुई मां दुर्गा के चित्र पर भी संशय न रहे की यह चित्र देवी दुर्गा का हैं या नहीं, उसने लिख दिया, ‘दुर्गा’..!

ऐसे एम. एफ. हुसैन को शरण दी, कतर ने. सन 2010 में हुसैन को क़तर की नागरिकता भी सम्मान के साथ दी गई

उसी क़तर ने, भाजपा की प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने किसी टी वी डीबेट में गुस्सा होकर कुरान की कुछ आयतों को लेकर कुछ कह दिया _(जिसके बारे में उन्होने क्षमा याचना भी की और भाजपा ने उन्हे तत्काल प्रवक्ता पद से भी हटाया)_, तो भारत के राजदूत को तलब किया. और आधिकारिक दौरे पर गए अपने उपराष्ट्रपति श्री व्यंकैया नायडू का रात्रि भोज रद्द किया (हालांकि कारण स्वाथ्य का दिया गया).

यह सब इसलिए की एम एफ हुसैन जब हमारे आराध्य देवताओं का नग्न और विकृत चित्रण कर रहा था, तब हम में से ही अनेक हिन्दू उसे ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ कहकर उसका समर्थन कर रहे थे. लाखों, करोड़ों में उसके ये विकृत चित्र खरीद रहे थे.* तब तो हुसैन के खिलाफ ईशनिंदा (blasphemy) की बात करना भी हमारे देश में गुनाह था.

जब हमे ही हमारे धर्म में आस्था नहीं रहेगी, अभिमान नहीं रहेगा, तो दुनिया का हम से ऐसे व्यवहार करना स्वाभाविक हैं !

(लेखक ऐतिहासिक व हिंदू गौरव से जुड़े विषयों पर लिखते हैं और इनकी कई पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी है)

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