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कृष्ण कुमार राठी
 

  • ऐ ज़िंदगी …..

    ऐ ज़िंदगी …..

    ऐ ज़िंदगी, तू इतना भी मत हंसा, कि कभी रोयें तो कोई आंसू पोछने वाला ना हो।

    • By: कृष्ण कुमार राठी
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    • In: कविता

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