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डॉ. नीलम महेंद्र
 

  • राजनीति की शिकार हुई बंगलादेशियों के अवैध घुसपैठ की समस्या

    राजनीति की शिकार हुई बंगलादेशियों के अवैध घुसपैठ की समस्या

    ममता बैनर्जी ने तो दो कदम आगे बढ़ते हुए देश में गृहयुद्ध तक का खतरा जता दिया है ।

  • कर्नाटक का जनमत किसके पक्ष में है?

    कर्नाटक का जनमत किसके पक्ष में है?

    चुनावों के दौरान चलने वाला सस्पेन्स आम तौर पर परिणाम आने के बाद खत्म हो जाता है लेकिन कर्नाटक के चुनावी नतीजों ने सस्पेन्स की इस स्थिति को और लम्बा खींच दिया है। राज्य में जो नतीजे

  • नीरव मोदी को नीरव मोदी बनाने वाला कौन है?

    नीरव मोदी को नीरव मोदी बनाने वाला कौन है?

    एक तरफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश में भ्रष्टाचार खत्म करने की बात कर रहे हैं तो दूसरी तरफ देश के एक प्रमुख बैंक में 11400 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है।

  • साहब भारत इसी तरह तो चलता है

    साहब भारत इसी तरह तो चलता है

    वैसे तो भारत में राहुल गाँधी जी के विचारों से बहुत कम लोग इत्तेफाक रखते हैं (यह बात 2014 के चुनावी नतीजों ने जाहिर कर दी थी) लेकिन अमेरिका में बर्कले स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया में जब उन्होंने वंशवाद पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में "भारत इसी तरह चलता है

  • घी गेहूँ नहीं रोज़गार चाहिए साहब

    घी गेहूँ नहीं रोज़गार चाहिए साहब

    चुनाव आयोग द्वारा चुनाव से पहले आचार संहिता लागू कर दी जाती है। आज जब विभिन्न राजनैतिक दल इस प्रकार की घोषणा करके वोटरों को लुभाने की कोशिश करते हैं तो यह देश और लोकतंत्र दोनों के हित में है कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करे कि पार्टियाँ अपने चुनावी मेनिफेस्टो को पूरा करें और जो पार्टी सत्ता में

  • सबको सम्मति दे भगवान

    सबको सम्मति दे भगवान

    यह सही है कि लफ्जों में इतनी ताकत होती है कि किसी पुरानी डायरी के पन्नों पर कुछ समय पहले चली हुई कलम आज कोई तूफान लाने की क्षमता रखती है लेकिन किसी डायरी के खाली पन्ने भी आँधियाँ ला सकते हैं ऐसा शायद पहली बार हो रहा है।

  • देश के आम आदमी और नेताओं के बीच यह अंतर क्यों

    देश के आम आदमी और नेताओं के बीच यह अंतर क्यों

    लोकतंत्र में देश की प्रजा उसका शरीर होती है लोकतंत्र उसकी आत्मा जबकि लोगों के लिए , लोगों के ही द्वारा चुनी गई सरकार उस देश का मस्तिष्क होता है उसकी बुद्धि होती है ।यह लोगों द्वारा चुनी हुई सरकार ही देश की विश्व में दिशा और दशा तय करती है ।

  • देश को बदलने के पहले आप तो बदलिये हुजूर

    देश को बदलने के पहले आप तो बदलिये हुजूर

    प्रधानमंत्री जी ने आपके कन्धों पर इस देश को बदलने की नींव रखी थी और आप ही नींव खोदने में लग गए ?

  • राष्ट्र गान देशभक्ती की चेतना अवश्य जगाएगा

    राष्ट्र गान देशभक्ती की चेतना अवश्य जगाएगा

    हम सभी अपने माता पिता से प्रेम करते हैं उनका सम्मान करते हैं। हमारी संस्कृति हमें सिखाती है कि अपने दिन की शुरुआत हम अपने से बड़ों का आशीर्वाद लेकर करें और उनका स्मरण उनका आशीर्वाद लेने का कोई दिन अथवा समय निश्चित नहीं है हम जब भी चाहें ले सकते हैं

  • कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी !

    कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी !

    आगामी 12 ,13 ,14 नवंबर को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में लोकमंथन कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। जैसा कि इस आयोजन का नाम अपने विषय में स्वयं ही बता रहा है, लोक के साथ मंथन। किसी भी समाज की उन्नति में विचार विमर्श एवं चिंतन का एक महत्वपूर्ण स्थान होता है और जब इस मंथन में लोक शामिल होता है तो वह उस राष्ट्र के भविष्य के लिए सोने पर सुहागा सिद्ध होता है।

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